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शेयर बाजार में रोज आ रहा है बड़ा उतार-चढ़ाव, नुकसान से बचने के लिए निवेशक अपनाएं ये रणनीति

बाजार के जानकारों के मुताबिक शेयर बाजार पर आने वाले कुछ समय तक फेडरल रिजर्व, चीन की अर्थव्यवस्था, कच्चे तेल की कीमतें और घरेलू बाजार में कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर देखने को मिलेगा।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: October 07, 2021 15:00 IST
शेयर बाजार पर...- India TV Paisa

शेयर बाजार पर जानकारों की राय

नई दिल्ली। ऊपरी स्तरों पर पहुंचे शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सबसे ज्यादा नुकसान रिटेल निवेशक उठाते हैं। बाजार के जानकारों की माने तो बाजार में बढ़त के बीच सबसे आखिरी में एंट्री लेने वाले निवेशक छोटे निवेशक ही होते हैं, और अक्सर वो उस समय निवेश करते हैं जब बाजार और स्टॉक्स अपनी ऊंचाई पर पहुंच रहे होते हैं और बड़े निवेशक अपना निवेश निकालने की तैयारी कर रहे होते हैं। फिलहाल शेयर बाजार में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है, फिलहाल बाजार अपने ऊपरी स्तरों पर है और समय समय पर मुनाफावसूली देखने को मिलने लगी है। ऐसे में रिटेल निवेशकों की बाजार को लेकर क्या रणनीति होनी चाहिये जानिये बाजार के जानकारों की क्या है इस पर राय  

शेयर बाजार में उतार चढ़ाव का रुख 

शेयर बाजार में सितंबर के मध्य तक बढ़त का सिलसिला देखने को मिला। हालांकि 59 हजार का स्तर पार करने के साथ ही शेयर बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 15 सितंबर के बाद से सेंसेक्स 8 कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ है और 7 कारोबारी सत्र में इसमें गिरावट दर्ज हुई। 16 सितंबर को सेंसेक्स 59 हजार के स्तर के ऊपर बंद हुआ था। हालांकि 20 सिंतबर तक सेंसेक्स एक बार फिर 58500 के स्तर से नीचे आ गया। इसके बाद एक बार फिर फिर बढ़त हावी हुई और 24 और 27 सितंबर को सेंसेक्स 60 हजार के स्तर के ऊपर बंद हुआ। लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई पर बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली और पहली अक्टूबर को सेंसेक्स लगातार 3 दिन की गिरावट के साथ 58765 के स्तर पर बंद हुआ। फिलहाल सेंसेक्स उतार-चढ़ाव के साथ इसी स्तरों के करीब है।

क्यों आ रहा है बाजार में उतार-चढ़ाव

एस्कॉर्टस सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल के मुताबिक बाजार में मौजूदा उतार-चढ़ाव फेडरल रिजर्व के द्वारा मिल रहे संकेतों की वजह से हैं। उनके मुताबिक पिछले कुछ समय़ से बाजार में आई बढ़त सिस्टम में मौजूद लिक्विडिटी की वजह से थी। हाल ही में फेडरल रिजर्व ने राहत कदमों की वापस लेने की बात कही है हालांकि इसकी कोई समयसीमा नहीं दी। इसी वजह से बाजार में लिक्विडी में कमी आने की आशंका बन गयी है, हालांकि समय को लेकर अनिश्चितता है। इसी वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वहीं वीएम फाइनेंशियल के रिसर्च हेड विवेक मित्तल का अनुमान है कि बाजार के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने और विदेशी बाजारों से मिलने वाले संकेतों से उतार-चढ़ाव देखने को मिला है और ये आगे भी कुछ समय तक जारी रह सकता है। उनके मुताबिक फेडरल रिजर्व, चीन की अर्थव्यवस्था, कच्चे तेल की कीमतें और घरेलू बाजार में कंपनियों के तिमाही नतीजे कुछ अहम फैक्टर हैं जो आगे भी बाजार पर अपना असर दिखाएंगे जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है। 

क्या हो रिटेल निवेशकों की रणनीति

आसिफ ने रिटेल निवेशकों को सलाह दी कि फिलहाल वो बाजार में मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्टॉक्स में किसी भी बड़े निवेश से दूर रहे हैं। इसकी जगह वो एसआईपी जैसे रूट्स के जरिये बाजार में निवेश करें, जिससे न केवल जोखिम कम रहेगा वहीं बाजार के जानकारों की निगरानी में निवेश का फायदा उठा सकेंगे। अगर रिटेल निवेशक बाजार में सीधे उतरना चाहते हैं, तो ऐसी कंपनियों पर नजर बनायें जिन पर कर्ज का बोझ कम या न के बराबर हों और साथ ही बाकी फंडामेंटल भी मजबूत हों। वहीं दूसरी तरफ विवेक मित्तल ने सलाह दी कि क्योंकि बाजार ऊपरी स्तरों पर है ऐसे में अगर निवेशक बाजार में उतरना चाहते हैं तो उन्हें सिलेक्टिव स्टॉक्स में ही खरीदारी करनी चाहिये। विवेक के मुताबिक निवेशक ऐसे सेक्टर पर फोकस करें जिनमें अब बढ़त का रुख देखने को मिल रहा हो और और स्टॉक्स अभी भी अपने ऊपरी स्तरों से दूर हों। उन्होने सतर्क रुख के साथ ऑटो एंसिलरी, NBFC सेग्मेंट में लंबी अवधि के निवेश की सलाह दी। विवेक के मुताबिक निवेशक एडलवाइस, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, आदित्य बिड़ला कैपिटल और ऑटो एंसीलरी सेग्मेंट में महिंद्रा सीआईई, राणे ( मद्रास), हाईटेक गियर्स में लंबी अवधि का निवेश कर सकते हैं।

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