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IPO के जरिये जुटाया गया फंड इस साल जा सकता है ₹4.15 लाख करोड़ के पार, आएंगे ज्यादा बड़े आईपीओ

 Published : Jan 10, 2024 06:29 am IST,  Updated : Jan 10, 2024 06:29 am IST

न्यू जेनरेशन की टेक्नोलॉजी कंपनियों की लीडरशिप में, प्राथमिक बाजार में इस साल तेज गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। घरेलू बाजार में अगले दो सालों में 20 यूनिकॉर्न आने की संभावना है, जिससे लगभग 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर का राजस्व हासिल होगा।

साल 2023 में कुल 59 आईपीओ आए।- India TV Hindi
साल 2023 में कुल 59 आईपीओ आए। Image Source : FILE

आईपीओ और डील-मेकिंग गतिविधियां इस साल यानी 2024 में जोरदार रहने की संभावना है। कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग का कहना है कि यह लेवल साल 2021 में इक्विटी जारी करने और सौदों के जरिए जुटाए गए करीब 50 बिलियन डॉलर (लगभग 4.15 लाख करोड़ रुपये) के रिकॉर्ड को भी पार जा सकता है। कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के एमडी और सीईओ एस रमेश ने कहा कि न्यू जेनरेशन की टेक्नोलॉजी कंपनियों की लीडरशिप में, प्राथमिक बाजार में इस साल तेज गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। लाइवमिंट की खबर के मुताबिक समग्र फंडिंग बाजार में लगभग 50 बिलियन डॉलर का फ्लो देखने को मिल सकता है।

 
घरेलू फंड्स कर सकते हैं जोरदार निवेश

रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू फंड्स ने साल 2023 में बाजार में 25.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया और यह 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। निफ्टी का एक साल का फॉरवर्ड प्रीमियम 20.1 गुना के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर है। यह उभरते बाजारों में सबसे ज्यादा है। कंपनी के प्रबंध निदेशक वी जयशंकर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल और अधिक बड़ी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) बाजार में आएंगी। चुनाव संबंधी अस्थिरता का प्राथमिक बाजार की गतिविधियों पर लंबे समय तक असर पड़ने की संभावना नहीं है क्योंकि आम तौर पर चुनाव संबंधी मुद्दे दो-तीन महीने के भीतर खत्म हो जाने चाहिए।

आईपीओ से जमा फंड में भारत का स्थान चौथा  

साल 2023 में कुल 59 आईपीओ आए और मुख्य बोर्ड से करीब 53,000 करोड़ रुपये जुटाए गए। संख्या के लिहाज में रिकॉर्ड निर्गम - 59 मुख्य बोर्ड मुद्दे और 182 एसएमई मुद्दे - ने दलाल स्ट्रीट को अमेरिका, चीन और जापान के बाद जमा धन (लगभग ₹53,000 करोड़) के मामले में दुनिया में चौथा सबसे बड़ा बना दिया। जब डील्स की बात आती है, तो उन्होंने कहा कि साल 2019 और साल 2023 के बीच कुल 55 बिलियन अमेरिकी डॉलर की खरीदारी हुई, जो पिछले 15 सालों के कुल मूल्य को पार कर गई।

इस वजह से है पॉजिटिव संकेत

बैंकरों के मुताबिक इसका मुख्य वजह यह है कि प्रमोटर फैमिली मूल्य पैदा करने के लिए कंट्रोल छोड़ने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि उनके पॉजिटिव सोच के पीछे की एक और वजह यह है कि अधिक से अधिक कॉर्पोरेट निवेश के अवसर स्थापित करने के लिए रणनीतिक रूप से अपने धन उगाहने के प्रयासों में विविधता ला रहे हैं, जिसमें लोन और इक्विटी का मिश्रण शामिल है। उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार में अगले दो सालों में 20 यूनिकॉर्न आने की संभावना है, जिससे लगभग 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर का राजस्व हासिल होगा।

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