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सरकारी कंपनियों की नजर EPFO के फंड पर, अंशधारकों को बेहतर ब्‍याज देने के लिए बदल सकती है रणनीति

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jan 10, 2017 07:07 pm IST,  Updated : Jan 11, 2017 07:55 pm IST

देश की कई बड़ी सरकारी कंपनियों की नजर EPFO के फंड पर है। ईपीएफओ के पास बड़ी मात्रा में नकदी उपलब्‍ध है, ऐसे में इन कंपनियां को धन मिलने की उम्‍मीद है।

सरकारी कंपनियों की नजर EPFO के फंड पर, अंशधारकों को बेहतर ब्‍याज देने के लिए बदल सकती है निवेश रणनीति- India TV Hindi
सरकारी कंपनियों की नजर EPFO के फंड पर, अंशधारकों को बेहतर ब्‍याज देने के लिए बदल सकती है निवेश रणनीति

हैदराबाद। देश की कई बड़ी सरकारी कंपनियों की नजर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के फंड पर है। ईपीएफओ के पास बड़ी मात्रा में नकदी उपलब्‍ध है, ऐसे में यह सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) ईपीएफओ से राशि मिलने की उम्‍मीद कर  रहे हैं। श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने मंगलवार को यह बात कही।

मंत्री ने इस बात को स्वीकार किया कि नोटबंदी के बाद बैंक ब्याज दरों में गिरावट के मद्देनजर ईपीएफओ भी अपने निवेश पर बेहतर प्रतिफल की तलाश में है।

दत्तात्रेय ने कहा कि,

बैंकों की ब्याज दर में कमी के बाद ईपीएफओ को भी अपने निवेश के तरीके की रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है, ताकि इस कोष के अंशधारकों को बेहतर ब्याज दिया जा सके।

  • ईपीएफओ ने हाल में इस साल के लिए 8.65 प्रतिशत की ब्याज दर की घोषणा की है।
  • ईपीएफओ अंशधारकों को 2014-15 और 2015-16 में 8.80 प्रतिशत का ब्याज मिला था।
  • दत्तात्रेय ने कहा कि फिलहाल ईपीएफओ अपने निवेश योग्य कोष का 20 प्रतिशत केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों में निवेश कर सकता है।
  • इस साल निवेश योग्य कोष करीब 1.3 लाख करोड़ रुपए है। मंत्रालय इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने पर विचार कर रहा है।

तस्‍वीरों में देखिए पीएफ एकाउंट में बैलेंस पता करने का तरीका

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  • दत्तात्रेय ने कहा, हम गंभीरता से इस पर विचार कर रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के कई उपक्रमों को निवेश की जरूरत है।
  • हम उनमें अधिक निवेश कर सकते हैं। भविष्य में हम अपनी प्राथमिकता बदल सकते हैं।
  • हम केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों पर अधिक ध्यान देंगे।
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