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नैनो के रास्ते पर चलकर ही क्विड भारत में हुई सफल, रेनो-निसान के CEO ने रतन टाटा को कहा थैंक्यू

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Mar 09, 2017 08:21 am IST,  Updated : Mar 09, 2017 08:21 am IST

रेनो-निसान अलायंस के चेयरमैन और CEO कार्लोस घोस्न ने कहा हुए कहा कि नैनो के रास्ते पर चलकर ही क्विड भारत में सफल हुई है।

नैनो के रास्ते पर चलकर ही क्विड भारत में हुई सफल, रेनो-निसान के CEO ने रतन टाटा को कहा थैंक्यू- India TV Hindi
नैनो के रास्ते पर चलकर ही क्विड भारत में हुई सफल, रेनो-निसान के CEO ने रतन टाटा को कहा थैंक्यू

नई दिल्ली। टाटा मोटर्स भले ही रतन टाटा के ड्रीम प्रोजेक्ट नैनो को मार्केट में सर्वाइव कराने के लिए संघर्ष करती दिख रही है। वहीं रेनो-निसान अलायंस के चेयरमैन और सीईओ कार्लोस घोस्न इस बात से खुश हैं कि उनका ग्रुप रतन टाटा के ‘दूरदर्शी’ प्रॉजेक्ट के आधार पर ही आगे बढ़ा है।

रेनो-निसान अलायंस के चेयरमैन और CEO कार्लोस घोस्न ने कहा

रतन टाटा को थैंक्यू बोलते हुए कहा है कि नैनो के रास्ते पर चलकर ही क्विड भारत में सफल हुई है। हमारा ग्रुप भारत में रतन टाटा के ‘दूरदर्शी’ प्रॉजेक्ट के आधार पर ही आगे बढ़ा है।  

  • जिनेवा मोटर शो में घोस्न ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, मैं नैनो की लॉन्चिंग पर उनको (रतन टाटा) दूरदर्शी बताने वाला पहला या सिर्फ एकलौता व्यक्ति था।

नैनो के रास्ते पर चलकर ही क्विड हुई सफल

  • टाटा द्वारा दिखाए गए रास्ते को रेनो क्विड की सफलता का क्रेडिट देते हुए कहा, नैनो को फॉलो किया और मैं खुश हूं कि हमने नैनो को फॉलो किया क्योंकि भारत में रेनो की सफलता क्विड की सफलता पर बेस्ड है।
  • उन्होंने आगे कहा कि निसान भी अपने प्रॉडक्टस के साथ इसी प्लैटफॉर्म के आधार पर आगे बढ़ रही है।

लॉन्ग टर्म स्ट्रैटिजी पर कर रहे हैं काम

  • डैटसन पर घोस्न ने कहा, जैसा हमने सोचा था, हम डैटसन के साथ सफल नहीं हुए लेकिन लॉन्ग टर्म स्ट्रैटिजी के साथ काम करते हैं तो हमें तत्काल सफलता की अपेक्षा नहीं होती।
  • उन्होंने कहा कि डैटसन कोशिश करेगी और जो अच्छा होगा उसका विश्लेषण करके, संशोधन के सफलता हासिल करेगी।
  • घोस्न ने कहा, आज भारत में नंबर एक यूरोपियन ब्रैंड बनने की रेनो की सफलता से पहले उसने कई असफलताएं देखीं।
  • हमने महिंद्रा के साथ शुरुआत की लेकिन हम सफल नहीं हुए।
  • हम लगातार सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए मार्केट में किसी को पहली बार में सफलता नहीं मिलती।
  • उन्होंने कहा, सफलता के लिए धैर्य रखना पड़ता है। खासकर भारत जैसे जटिल और प्रतिस्पर्धी मार्केट में उन कंपनियों को जो भारत के बाहर से वहां बिजनस करने जाती हैं, उनके लिए धैर्य रखना बेहद जरूरी है।
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