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सभी आपात सेवाओं के लिए जल्दी ही एक नंबर 112 होगा

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Mar 29, 2016 09:23 am IST,  Updated : Mar 29, 2016 09:26 am IST

लोगों को जल्दी ही किसी भी आपात स्थिति में पुलिस, एम्बुलेंस और अग्निशमन विभाग की मदद के लिए सिर्फ एक नंबर 112 डायल करने की सुविधा होगी।

इमर्जेंसी के लिए सिर्फ एक नंबर, 112 डायल करके ले सकेंगे पुलिस, एम्बुलेंस और अग्निशमन की मदद- India TV Hindi
इमर्जेंसी के लिए सिर्फ एक नंबर, 112 डायल करके ले सकेंगे पुलिस, एम्बुलेंस और अग्निशमन की मदद

नई दिल्ली। लोगों को जल्दी ही किसी भी आपात स्थिति में पुलिस, एम्बुलेंस और अग्निशमन विभाग की मदद के लिए एक ही नंबर 112 डायल करने की सुविधा होगी। अंतर-मंत्रालयी समिति दूरसंचार आयोग ने विभिन्न आपात सेवाओं के लिए एक ही नंबर को मंजूरी दे दी है। यह अमेरिका में सभी आपात सेवाओं में मदद के लिए उपलब्ध 911 के अनुरूप है। आपात नंबर 112 के चालू होने के एक साल के भीतर सभी मौजूदा आपात नंबर को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा। यह नई सुविधा को लेकर जागरूकता पर निर्भर करेगा।

एक नंबर पर सभी इमर्जेंसी सर्विसेज

एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, दूरसंचार आयोग ने एक आपात नंबर 112 रखे जाने के ट्राई की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। इसे अब दूरसंचार विभाग तैयार करेगा और इसके लिए दूरसंचार मंत्री (रवि शंकर प्रसाद) की मंजूरी की आवश्यकता होगी। सूत्र ने कहा कि आयोग ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण को शामिल करने के बाद उसकी सिफारिश को स्वीकार कर लिया। फिलहाल देश में आपात स्थिति के लिए अलग-अलग नंबर हैं। पुलिस के लिए जहां 100 डायल करना होता है वहीं अग्निशमन विभाग के लिए 101, एम्बुलेंस के लिए 102 और आपात आपदा प्रबंधन के लिए 108 है।

वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटरों के प्रस्ताव को मंजूरी

नई व्यवस्था लागू होने पर व्यक्ति को किसी भी आपात स्थिति में केवल 112 पर कॉल करने की जरूरत होगी जो कॉल को तत्काल मदद के लिए कॉल संबंधित विभाग को निर्देशित करेगा। इस बीच, सरकार ने खुदरा तौर पर दूरसंचार सेवा देने वाले के लिए रास्ता साफ करते हुए उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को मंजूरी दे दी। अंतर-मंत्रालयी समूह दूरसंचार आयोग ने वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटरों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब ये आपरेटर अपने खुद के ब्रांड के तहत फोन और इंटरनेट सेवाएं दे सकेंगे और इसके लिये उन्हें अपने नेटवर्क या स्पेक्ट्रम की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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