1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बाजार
  4. क्या आपने भी इस कंपनी के स्टॉक में लगाया है पैसा? SEBI ने NSE को दिया यह निर्देश

क्या आपने भी इस कंपनी के स्टॉक में लगाया है पैसा? SEBI ने NSE को दिया यह निर्देश

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Apr 30, 2024 05:06 pm IST,  Updated : Apr 30, 2024 05:06 pm IST

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयरधारकों से कई शिकायतें मिलने के बाद मामले की जांच की थी।

Stock - India TV Hindi
स्टॉक Image Source : FILE

क्या आपने भी लिंडे इंडिया कंपनी के स्टॉक में पैसा लगाया है? आपको बता दें कि पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शेयरधारकों से मिली शिकायतों के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को लिंडे इंडिया और उससे जुड़ी प्रैक्सएयर इंडिया के बीच हुए लेनदेन का मूल्यांकन करने के लिए मूल्यांकन करने वाले को नॉमिनेटेड करने का निर्देश दिया है। यह मामला लिंडे इंडिया लिमिटेड (एलआईएल) और उससे जुड़ी कंपनियों प्रैक्सएयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (PIPL) और लिंडे साउथ एशिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (LSASPL) के बीच हुए लेनदेन और समझौतों से संबंधित है। 

शेयरधारकों से कई शिकायतें मिली 

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयरधारकों से कई शिकायतें मिलने के बाद मामले की जांच की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि लिंडे इंडिया द्वारा प्रैक्सएयर इंडिया के साथ किए गए लेनदेन और समझौते सामग्री संबंधित पक्ष लेनदेन (आरपीटी) की प्रकृति के थे और लिंडे इंडिया ने इन लेनदेन पर शेयरधारकों की मंजूरी नहीं ली थी। सेबी ने सोमवार को पारित अपने अंतरिम आदेश में कहा कि लिंडे इंडिया शेयरधारकों की मंजूरी के बगैर "संबंधित पक्ष लेनदेन को अंजाम दे रही थी, जो पहली नजर में महत्वपूर्ण प्रतीत होता है।

गलत तरीके से लाभ पहुंचाने की संभावना

यह व्यापक शेयरधारक आधार की कीमत पर नियंत्रक शेयरधारकों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने की संभावना रखता है। बाजार नियामक ने एनएसई को आदेश दिया कि वह लिंडे इंडिया और प्रैक्सएयर इंडिया के बीच हुए संयुक्त उद्यम और शेयरधारक समझौते के संदर्भ में भौगोलिक आवंटन के अलावा कारोबार का मूल्यांकन करने के लिए एक पंजीकृत मूल्यांकनकर्ता नियुक्त करे। इसके साथ ही नियामक ने एनएसई को सेबी और कंपनी दोनों को मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। रिपोर्ट मिलने के दो सप्ताह के भीतर लिंडे को इसे ऑडिट समिति और निदेशक मंडल के सामने पेश करना जरूरी है।

पहले कंपनी का नाम बीओसी इंडिया नाम था 

सेबी ने कहा कि लिंडे इंडिया को एक वित्त वर्ष में किसी भी संबंधित पक्ष के साथ लेनदेन के कुल मूल्य के आधार पर भविष्य में संबंधित पक्ष लेनदेन की भौतिकता का आकलन करना चाहिए, भले ही लेनदेन या अनुबंधों की संख्या कुछ भी हो। लिंडे इंडिया को पहले बीओसी इंडिया के नाम से जाना जाता था और वह ब्रिटेन स्थित बीओसी समूह का हिस्सा थी। वर्ष 2006 में जर्मनी की कंपनी लिंडे एजी ने इसका अधिग्रहण कर लिया था। एलआईएल औद्योगिक, चिकित्सा और विशेष गैसों, उपकरणों और संबंधित उत्पादों के निर्माण और बिक्री में लगी हुई है। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Market से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा