नोएडा: नोएडा अथॉरिटी के सूत्रों के मुताबिक, सेक्टर-52 और सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाला पहला एसी स्काईवॉक अब 16 अगस्त से जनता के लिए नहीं खुलेगा। पहले इस स्कॉईवॉक को पब्लिक के लिए 16 अगस्त से ही खोले जाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन तकनीकी वजहों से इसे अब 25 अगस्त तक खोले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या है पूरा मामला?
तकनीकी जांच के लिए स्कॉईवॉक का ट्रायल रन 16 अगस्त से शुरू हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, स्काईवॉक के ट्रायल रन की मीडिया कवरेज की जा सकती है। स्काईवॉक के एंट्री और एग्जिट पॉइंट लगभग तैयार हैं, लेकिन दोनों तरफ कुछ काम अभी बाकी है।
अथॉरिटी के अधिकारियों ने इसे पूरी तरह तैयार करने के लिए करीब एक सप्ताह और इंतजार करने को कहा है। ये स्काईवॉक सेक्टर-52 (ब्लू लाइन) और सेक्टर-51 (एक्वा लाइन) मेट्रो स्टेशनों को आपस में जोड़ेगा।
अथॉरिटी का क्या मानना है?
अथॉरिटी का मानना है कि स्कॉईवॉक शुरू होते ही यहां फुटफॉल तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए अंतिम चरण के काम में किसी तरह की कमी या तकनीकी चूक नहीं रहनी चाहिए। स्काईवॉक का काम एक पिलर सामने आने के कारण अटक गया था। पिलर को काटने या न काटने को लेकर काफी समय तक चर्चा हुई।
बाद में पिलर के दोनों तरफ से रास्ता निकालने का विकल्प अपनाया गया। अब दोनों तरफ करीब 6 मीटर का रास्ता बना दिया गया है। अभी थोड़ा काम बाकी है, जिसे अधिकतम एक सप्ताह पूरा करने में लगेगा।
नोएडा अथॉरिटी का लक्ष्य है कि स्काईवॉक को इसी महीने की 25 तारीख से पहले जनता के लिए खोल दिया जाए। अथॉरिटी की प्राथमिकता है कि इसे पूरी तरह तैयार करने के बाद ही आम लोगों के लिए खोला जाए।
लंबे समय से इंतजार कर रहे मेट्रो इस्तेमाल करने वाले लोग
नोएडा सेक्टर-51 से सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला एसी स्काईवॉक का वो लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जो इन दोनों मेट्रो स्टेशनों का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें अभी पैदल एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर जाना पड़ता है। वाकई लंबे समय से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वो इस उम्मीद में हैं कि जल्द ही एसी स्काईवॉक तैयार हो जाएगा और उन्हें अपनी नियमित परेशानी को दूर करने में सहायता मिलेगी।
हाल ही में दिल्ली मेट्रो से जुड़ी एक बड़ी खबर ये सामने आई थी कि दिल्ली मेट्रो ने जनता से अपील की कि मेट्रो लाइन के पास पतंग ना उड़ाएं, ये जानलेवा हो सकता है।
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