दिल्ली आने वाले वर्षों में कैसी दिखेगी, इसकी तस्वीर मास्टर प्लान 2047 में दिखाई देने लगी है। राजधानी में नई टाउनशिप विकसित करने से लेकर हाईराइज इमारतों, पुराने DDA फ्लैटों के पुनर्विकास और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार तक कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बुधवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में डीडीए की बोर्ड मीटिंग में मास्टर प्लान 2047 को स्वीकृति मिल गई। आइए विस्तार में जानते हैं कि दिल्ली की सूरत कैसे बदलेगी?
1. 105 गांवों में विकसित होंगी नई टाउनशिप
मास्टर प्लान के तहत दिल्ली के 105 गांवों की जमीन को लैंड पूलिंग के जरिए टाउन प्लानिंग के तहत विकसित करने की योजना है। वहीं करीब 69 गांवों को ग्रीन डेवलपमेंट एरिया के तहत रिहायशी और व्यावसायिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
2. पुराने DDA फ्लैटों का होगा कायाकल्प
50 साल से ज्यादा पुराने DDA के दो-मंजिला फ्लैटों के पुनर्निर्माण और पुनर्विकास के लिए एक समान नीति को मंजूरी दी गई है। इससे पुराने और जर्जर आवासों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने का रास्ता खुलेगा।
3. UER-2 के पास बनेंगी हाईराइज इमारतें
दिल्ली के तीसरे रिंग रोड कहे जाने वाले अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) के आसपास 250 मीटर के क्षेत्र में ऊंची रिहायशी इमारतें विकसित करने की योजना है। इससे राजधानी में आवास की जरूरत को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
4. यमुना के बाढ़ क्षेत्र का होगा कायाकल्प
मास्टर प्लान में यमुना के O-Zone को दो हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव है। संवेदनशील कोर फ्लडप्लेन में पक्के निर्माण पर रोक रहेगी, जबकि दूसरे हिस्से में नियमों और पर्यावरणीय शर्तों के तहत सीमित मनोरंजक गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है।
5. दिल्ली को ज्यादा ग्रीन बनाने पर जोर
पार्क, झील और जल निकायों के संरक्षण के साथ बायोडायवर्सिटी पार्क और ग्रीन-ब्लू एरिया विकसित किए जाएंगे। नालों के आसपास बफर जोन में पैदल चलने और साइकिल ट्रैक बनाने की योजना भी शामिल है।
6. नरेला तक मेट्रो कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
नरेला सब-सिटी में रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के डिपो के लिए 19.63 हेक्टेयर जमीन के इस्तेमाल में बदलाव को मंजूरी दी गई है। इससे इस इलाके में मेट्रो विस्तार का काम आगे बढ़ने की उम्मीद है।
7. विकास से जुड़े नियम होंगे आसान
मास्टर प्लान में मिक्स्ड यूज, पार्किंग और अलग-अलग विकास गतिविधियों से जुड़े नियमों को आसान बनाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य दिल्ली में विकास परियोजनाओं को गति देना और लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाना है।
अंतिम मंजूरी का इंतजार
दिल्ली विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान 2047 को मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा। मंजूरी और आगे के क्रियान्वयन के बाद दिल्ली में आवास, परिवहन, हरियाली और शहरी विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।