1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. पैसा
  4. बिज़नेस
  5. कंटेनर की किल्लत का निर्यात पर असर, मालभाड़े में जोरदार इजाफा

कंटेनर की किल्लत का निर्यात पर असर, मालभाड़े में जोरदार इजाफा

भारत से यूरोप के मालभाड़े यानी पोत परिवहन की लागत में कोरोना काल में करीब 80 फीसदी का इजाफा हुआ है। जानकारों के मुताबिक अगर मालभाड़ा में बढ़ोतरी नहीं हुई होती तो फरवरी में देश के निर्यात में और पांच से सात फीसदी की वृद्धि होती, जो कि 1 प्रतिशत से कम रही है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: March 18, 2021 21:03 IST
कंटेनर की किल्लत से...- India TV Paisa
Photo:PTI

कंटेनर की किल्लत से बढ़ा माल भाड़ा

नई दिल्ली| दुनियाभर में शिपिंग कंटेनर की किल्लत के चलते निर्यात पर असर पड़ा है और मालभाड़ा में जोरदार इजाफा होने से निर्यात की लागत बढ़ गई है। कोरोना महामारी के कारण विभिन्न देशों के बंदरगाहों पर जहाजों से माल उतारने में लग रहे समय के कारण कंटेनर की किल्लत पैदा हुई है। वहीं, कंटेनर की मांग के मुकाबले सप्लाई कम होने और तेल के दाम में आई तेजी से मालभाड़ा बढ़ गया है।

कोरोना काल में भारत से कृषि उत्पादों समेत तमाम चीजों की निर्यात मांग बढ़ी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) के प्रेसीडेंट शरद कुमार सराफ ने आईएएनएस से कहा कि कंटेनर की उपलब्धता अगर दुरुस्त होती तो भारत से व्यापारिक माल के निर्यात में पांच फीसदी तक का इजाफा हो जाता। बीते महीने फरवरी में देश का निर्यात 27.93 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के 27.74 अरब डॉलर से महज 0.67 फीसदी अधिक है। उन्होंने बताया कि भारत से यूरोप के मालभाड़े यानी पोत परिवहन की लागत में कोरोना काल में करीब 80 फीसदी का इजाफा हुआ है। सराफ ने कहा कि अगर मालभाड़ा में बढ़ोतरी नहीं हुई होती तो देश के निर्यात में और पांच से सात फीसदी की वृद्धि होती।

जानकार बताते हैं कि कोरोना वैक्सीन आने के बाद दुनियाभर में आर्थिक गतिवियों में सुधार आने के संकेतों से तेल के दाम में इजाफा होने का असर मालभाड़ा पर भी पड़ा है और इस कारण परिवहन की लागत बढ़ गई है। कंटेनर के अभाव में भारत से पिछले दिनों चीनी, चावल समेत दूसरी वस्तुओं के निर्यात में कठिनाई आई है। हालांकि, इंडियन शुगर एग्जिम कॉरपोरेशन (आईएसईसी) के प्रबंध निदेशक और सीईओ अधीर झा ने आईएएनएस को बताया कि धीरे-धीरे स्थिति में सुधार होने लगी है। उन्होंने बताया कि कंटेनर को लेकर जो संकट बना हुआ था उसमें विगत एक पखवाड़े से सुधार होने लगा है।

ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि कंटेनर की किल्लत के चलते दाल मिलों को भी दलहनों के आयात में परेशानी का सामना करना पड़ा है और चालू वित्तवर्ष में दिए गए कोटे का पूरा-पूरा दलहन आयात नहीं हो पाया है।

Write a comment
Click Mania
bigg boss 15