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TikTok पर प्रतिबंध से उसकी पेरेंट कंपनी को 45000 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान: चीनी मीडिया

चीन की 59 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध से मोबाइल एप चलाने वाली कंपनियों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। चीनी मीडिया के मुताबिक अकेले TikTok पर प्रतिबंध से TikTok की पेरेंट कंपनी बाइटडांस को 6 अरब डॉलर यानि लगभग 45000 करोड़ रुपए का घाटा हो सकता है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: July 02, 2020 0:11 IST
How Much loss to China after ban on 59 Mobile Apps in india- India TV Paisa

How Much loss to China after ban on 59 Mobile Apps in india

नई दिल्ली। चीन की 59 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध से मोबाइल एप चलाने वाली कंपनियों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। चीनी मीडिया के मुताबिक अकेले TikTok पर प्रतिबंध से TikTok की पेरेंट कंपनी बाइटडांस को 6 अरब डॉलर यानि लगभग 45000 करोड़ रुपए का घाटा हो सकता है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। 

सिर्फ 1 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध से अगर चीनी कंपन को इतना बड़ा नुकसान होता है तो फिर अनुमान लगाया जा सकता है कि 59 मोबाइल ऐप के बंद होने से कितना बड़ा नुकसान होगा और चीन को यह कितना बड़ा झटका हो सकता है। TikTok की पेरेंट कंपनी भारत में एक और मोबाइल ऐप Helo का भी संचालन कर रही थी और इस मोबाइल ऐप पर भी प्रतिबंध लग चुका है। इसे देश में गूगल प्ले स्टोर और एपल एप स्टोर से भी हटा दिया गया है। 

बाइटडांस कंपनी की टिकटॉक एप के अलावा ई-वाणिज्य समूह अलीबाबा के मालिकाना हक वाली यूसी ब्राउजर, यूसी न्यूज एप, टैनसेंट होल्डिंग्स की वीचैट और बायदू इंक के मानचित्र और अनुवाद मंच पर भी प्रतिबंध लगा है। भारत में लगे इस प्रतिबंध से चीन की इंटरनेट कंपनियों को झटका लगेगा, क्योंकि भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता मोबाइल बाजार है।

भारत में टिक टॉक के प्रमुख निखिल गांधी ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत सरकार ने टिक टॉक सहित 59 एप को बंद करने का अंतरिम आदेश जारी किया है। हम इस आदेश का पालन कर रहे हैं। हमें संबंधित सरकारी पक्षों के समक्ष अपनी प्रतिक्रिया और स्पष्टीकरण देने के लिये आमंत्रित किया गया।’’

वहीं बाइट डासं समूह की अन्य एप हेलो ने कहा कि वह स्पष्टीकरण देने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है। उसने जोर देकर कहा कि वह देश के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करती है।

इस बीच भारत में विकसित टिकटॉक जैसी ही एप रोपोसो ने कहा कि प्रतिबंध के बाद कई टिकटॉक उपयोक्ता उसके मंच पर आए हैं। इसमें वह लोग भी हैं जो टिकटॉक पर काफी प्रभावशाली रहे हैं। कंपनी का दावा है कि उसके उपयोक्ताओं की संख्या 6.5 करोड़ से अधिक है। 

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