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नवंबर में औद्योगिक उत्पादन 1.9 प्रतिशत गिरा, बिजली क्षेत्र में बढ़त दर्ज

विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन नवंबर 2020 में 1.7 प्रतिशत घटा। खनन उत्पादन में भी 7.3 प्रतिशत की गिरावट आयी। हालांकि, बिजली उत्पादन 3.5 प्रतिशत बढ़ा। औद्योगिक उत्पादन इससे पहले सितंबर और अक्टूबर में बढ़ा था

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: January 12, 2021 19:28 IST
IIP में गिरावट - India TV Paisa
Photo:PTI

IIP में गिरावट 

नई दिल्ली। देश के औद्योगिक उत्पादन में नवंबर में 1.9 प्रतिशत की गिरावट रही। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़े में यह जानकारी दी गई है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़े के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन नवंबर 2020 में 1.7 प्रतिशत घटा। खनन उत्पादन में भी 7.3 प्रतिशत की गिरावट आयी। हालांकि, बिजली उत्पादन 3.5 प्रतिशत बढ़ा। आईआईपी में नवंबर 2019 में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल मार्च से ही औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ है। मार्च 2020 में आईआईपी में 18.7 प्रतिशत की गिरावट आयी थी।

आज जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक खनन सेक्टर में इंडेक्स पिछले साल के मुकाबले 112.7 से घटकर 104.5 के स्तर पर आ गया है। वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए इंडेक्स 130.6 से घटकर 128.4 के स्तर पर आ गया है। वहीं बिजली क्षेत्र के लिए इंडेक्स 139.9 से बढ़कर 144.8 के स्तर पर आ गया है। वहीं आईआईपी 128.8 से घटकर 126.3 के स्तर पर आ गया। इस वित्त वर्ष में अब तक आईआईपी इंडेक्स अप्रैल में सबसे निचले स्तरों पर पहुंच गया था। जून के बाद से इंडेक्स 100 के स्तर से ऊपर बना हुआ है। इसमें सितंबर और अक्टूबर में बढ़त का रुख देखने को मिला था। वहीं इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर सितंबर से लगातार बढ़त दर्ज कर रही है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अक्टूबर में बढ़त देखने को मिली थी। वहीं खनन सेक्टर में सितंबर में बढ़त देखने को मिली। इंडेक्स के लिए आधार  2011-12 के लिए 100 माना गया है।

अलग अलग सेग्मेंट पर नजर डालें तो नवंबर के दौरान खाद्य पदार्थों का उत्पादन, रसायन और रसायन पदार्थों का उत्पादन, रबड़ और प्लास्टिक पदार्थों का उत्पादन, और ट्रांसपोर्ट उपकरणों, बेसिक मेटल का उत्पादन बढ़ा है। हालांकि टेक्सटाइल, चमड़ा, पेपर, दवा, मशीनरी आदि मे गिरावट देखने को मिली है। सबसे ज्यादा गिरावट फर्नीचर निर्माण में देखने को मिली है। वहीं खाद्य उत्पादों के निर्माण में सबसे ज्यादा बढ़त रही है।

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