1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. Jat Stir: जाट आंदोलन ने हरियाणा में रोकी उद्योगों की चाल, मारुति ने गुड़गांव व मानेसर प्‍लांट में बंद किया काम

Jat Stir: जाट आंदोलन ने हरियाणा में रोकी उद्योगों की चाल, मारुति ने गुड़गांव व मानेसर प्‍लांट में बंद किया काम

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Feb 20, 2016 05:32 pm IST,  Updated : Feb 20, 2016 05:32 pm IST

हरियाणा में जाट आंदोलन के कारण सड़क व रेल यातायात ठप होने की वजह से प्रदेश में स्‍थापित उद्योगों को कच्‍चे माल की आपूर्ति में रुकावट पैदा हो गई है।

Jat Stir: जाट आंदोलन ने हरियाणा में रोकी उद्योगों की चाल, मारुति ने गुड़गांव व मानेसर प्‍लांट में बंद किया काम- India TV Hindi
Jat Stir: जाट आंदोलन ने हरियाणा में रोकी उद्योगों की चाल, मारुति ने गुड़गांव व मानेसर प्‍लांट में बंद किया काम

नई दिल्‍ली। हरियाणा में जाट आंदोलन के उग्र रूप धारण करने और सड़क व रेल यातायात ठप होने की वजह से प्रदेश में स्‍थापित उद्योगों को कच्‍चे माल की आपूर्ति में रुकावट पैदा हो गई है। वाहन कलपुर्जों की खेप नहीं पहुंच पाने से देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी इंडिया लिमिटेड ने अपने गुड़गांव और मानेसर प्‍लांट में शनिवार को काम रोक दिया है।

मारति सुजूकी इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि जाट आंदोलन के कारण आपूर्ति प्रभावित होने से गुड़गांव और मानेसर दोनों कारखानों में आज दूसरी पाली के बाद से काम रोक दिया गया है। यह पूछे जाने पर कि उत्पादन कार्य कब शुरू होगा, प्रवक्ता ने कहा, हमें पता नहीं है कि हम कब शुरू करेंगे। यह समग्र स्थिति और कलपुर्जों की आपूर्ति शुरू होने पर निर्भर होगा।

मारुति के इन दोनों कारखानों में कुल मिलाकर रोजाना करीब 5,000 वाहनों का उत्पादन होता है। दोपहिया विनिर्माता कंपनी होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने हालांकि, कहा है कि उसके मानेसर स्थिति कारखाने में सामान्य काम हो रहा है और अब तक आंदोलन का इस पर कोई असर नहीं हुआ है। इस कारखाने में सालाना 16 लाख स्कूटर तैयार करने की क्षमता है। हरियाणा में आज भी जाट आंदोलन की वजह से अशांति रही। हिंसा और आगजनी की कुछ और घटनाएं हुईं, जिनमें एक रेलवे स्टेशन में आग लगा दी गई। कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया। उधर, सेना को रोहतक जिले के उन हिस्सों तक पहुंचने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करना पड़ा, जिनमें सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल था।  राज्य के नौ जिलों में शांति व्यवस्था के लिए सेना को बुलाना पड़ा। आरक्षण के लिए जाट आंदोलन के हिंसक होने के बाद कई जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया और उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा