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इस दिवाली पर भी नहीं बदली देश के सबसे पुराने शेयर बाजार की तकदीर, अंधेरे में रहा डूबा

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Oct 20, 2017 01:16 pm IST,  Updated : Oct 20, 2017 01:16 pm IST

देश के सबसे पुराने शेयर बाजार की तकदीर 19 अक्‍टूबर से शुरू हुए संवत 2074 में भी नहीं बदली। कलकत्‍ता शेयर बाजार एक और दीपावली अंधेरे में मनाने पर मजबूर रहा।

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इस दिवाली पर भी नहीं बदली देश के सबसे पुराने शेयर बाजार की तकदीर, अंधेरे में रहा डूबा

कोलकाता। देश के सबसे पुराने शेयर बाजार की तकदीर 19 अक्‍टूबर से शुरू हुए संवत 2074 में भी नहीं बदली। कलकत्‍ता शेयर बाजार एक और दीपावली अंधेरे में मनाने पर मजबूर रहा।

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस सबसे पुराने शेयर बाजार में अप्रैल 2013 से कारोबार निलंबित किया हुआ है। तब से इसके अपने कारोबारी मंच सी-स्टार पर कोई कारोबार नहीं हुआ है। शेयर बाजार के एक पूर्व निदेशक ने बताया, भाग्य में यहां कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब भी सबकुछ अधर में लटका हुआ है।

एक अन्य पूर्व निदेशक ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि नए प्रबंधन की डिफॉल्टरों के साथ मौन सहमति है और वे बदलाव की हर कोशिश को रोक दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, सेबी नहीं चाहता है कि इस शेयर बाजार में कारोबार शुरू हो। डिफॉल्टर भी चाहते हैं कि यह बंद ही रहे ताकि उगाही की कोशिशें खत्म हो जाएं। प्रबंधन सभी मुख्य डिफॉल्टरों से मिला हुआ है।

कलकत्‍ता शेयर बाजार के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुब्रतो दास इस बाबत टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। उल्लेखनीय है कि केतन पारेख के समय में इस शेयर बाजार में 120 करोड़ रुपए का घपला हुआ था।

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