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RBI ने Mastercard पर की बड़ी कार्रवाई, 22 जुलाई से नए क्रेडिट-डेबिड कार्ड जारी करने पर लगाई रोक

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jul 14, 2021 06:30 pm IST,  Updated : Jul 14, 2021 11:41 pm IST

केंद्रीय बैंक ने मास्टरकार्ड के खिलाफ यह सुपरवाइजरी कार्रवाई पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, 2007 की धारा 17 के तहत की है।

 RBI imposes restrictions on Mastercard from issuing new card from July 22- India TV Hindi
 RBI imposes restrictions on Mastercard from issuing new card from July 22 Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्‍ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को मास्‍टरकार्ड एशिया/पेसीफ‍िक लिमिटेड के खिलाफ सुपरवाइजरी कार्रवाई करते हुए कड़े कदम उठाए हैं। आरबीआई ने मास्‍टरकार्ड को 22 जुलाई, 2021 से अपने कार्ड नेटवर्क (क्रेडिट, डेबिट या प्रीपेड) में नए घरेलू ग्राहकों को शामिल करने पर प्रतिबंधित कर दिया है।

केंद्रीय बैंक ने यह कार्रवाई पेमेंट सिस्‍टम डाटा के स्‍थानीय स्‍टोरेज के नियमों का पालन न करने पर की है। बैंक ने कहा कि अत्‍यधिक समय और पर्याप्‍त अवसर देने के बावजूद मास्‍टरकार्ड ने पेमेंट सिस्‍टम डाटा के स्‍थानीय स्‍टोरेज को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है‍ कि उसके इस आदेश का मौजूदा कार्ड ग्राहकों पर कोई असर नहीं होगा।

केंद्रीय बैंक ने मास्‍टरकार्ड से कहा है कि वह सभी कार्ड जारीकर्ता बैंक और गैर-बैंक संस्‍थाओं को इस आदेश के बारे में सूचित करेगा। केंद्रीय बैंक ने मास्‍टरकार्ड के खिलाफ यह सुपरवाइजरी कार्रवाई पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्‍टम एक्‍ट, 2007 की धारा 17 के तहत की है। मास्‍टरकार्ड को पीएसएस एक्‍ट के तहत देश में कार्उ नेटवर्क का संचालन करने के लिए पेमेंट सिस्‍टम ऑपरेटर के तौर पर मंजूरी दी गई है।

 RBI imposes restrictions on Mastercard from issuing new card from July 22
Image Source : RBI RBI imposes restrictions on Mastercard from issuing new card from July 22

आरबीआई ने 6 अप्रैल, 2018 को जारी अपने एक सर्कुलर में कहा था कि सभी सिस्‍टम प्रोवाइडर्स को छह माह की अवधि के भीतर उनके द्वारा संचालित पेमेंट सिस्‍टम से संबंधित संपूर्ण डाटा (फुल एंड-टू-एंड ट्रांजैक्‍शन डिटेल्‍स/ इंफोर्मेशन कलेक्‍टेड/पेमेंट इंस्‍ट्रक्‍शन) को भारत में स्थित सिस्‍टम में ही स्‍टोर करना होगा। उन्‍हें इसकी अनुपालन रिपोर्ट आरबीआई को सौंपनी होगी और सीईआरटी-इन के पैनल में शामिल ऑडिटर द्वारा एक बोर्ड-अप्रूव्‍ड सिस्‍टम ऑडिट रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।  

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