मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उदारीकृत धन प्रेषण योजना (Liberalised Remittance Scheme) के तहत नियमों को कुछ और कड़ा किया है। इसके तहत अब देश से बाहर 25,000 डालर से भी कम के लेन-देन पर स्थायी खाता संख्या (PAN) का जिक्र करना अनिवार्य कर दिया गया है। योजना के तहत नाबालिग सहित किसी भी निवासी व्यक्ति को एक वित्त वर्ष में चालू खाता या पूंजी खाते या दोनों में किसी भी अनुमति प्राप्त लेनदेन के लिये 2,50,000 डालर बिना किसी रोक-टोक के भेजने की अनुमति है।
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RBI की तरफ से मंगलवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि चालू खाते में LRS के तहत धन प्रेषण में PAN का जिक्र करना अनिवार्य होगा। अब तक, चालू खाते में 25,000 डॉलर तक के लेन-देन में PAN का जिक्र करने की आवश्यकता नहीं थी लेकिन अब इसका उल्लेख करना होगा।
इसके साथ ही नजदीकी संबंधी के रखरखाव के लिये एलआरएस के तहत धन प्रेषण के मामले में सरकार के साथ विचार विमर्श के जरिये यह तय किया गया है कि ‘संबंधी- रिश्तेदार’ की परिभाषा को कंपनी अधिनियम 1956 के बजाय नये कंपनी अधिनियम 2013 के अनुरूप शामिल किया जाये।’’ इससे पहले बैंकों ने एलआरएस के तहत व्यक्तिगत लेनदेन की दैनिक रिपोर्टिंग की व्यवस्था भी शुरू की है।