नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के 11,400 करोड़ रुपए के घोटाले में देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने भी 1,360 करोड़ रुपए का कर्ज दिया है। पीएनबी द्वारा जारी साख पत्र के आधार पर एसबीआई ने 21.2 करोड़ डॉलर (1,360 करोड़ रुपए) का कर्ज दिया है। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक ने सीधे नीरव मोदी को कोई ऋण नहीं दिया है।
एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया कि बैंक ने नीरव मोदी को सीधे कोई कर्ज नहीं दिया है लेकिन पीएनबी को जरूर कुछ धन दिया है। उन्होंने बताया कि बैंक ने पीएनबी द्वारा जारी साख या गारंटी पत्र (एलओयू) के आधार पर मोदी को 21.2 करोड़ रुपए का कर्ज दिया है।
कुमार ने कहा कि एसबीआई ने नीरव मोदी के रिश्तेदार गीतांजलि जेम्स के मेहुल चौकसी को जरूर कुछ कर्ज दिया है। हालांकि, यह बहुत बड़ी राशि नहीं है और हम इसको लेकर चिंतित नहीं हैं। एसबीआई के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को कर्ज के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि यह बैंक के कुल घरेलू ऋण का एक प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने कहा कि हमारी घरेलू ऋण बुक 16 लाख करोड़ रुपए है। इसमें रत्न एवं आभूषण क्षेत्र का हिस्सा 13,000 करोड़ रुपए है, जो एक प्रतिशत से भी कम है।
इलाहाबाद बैंक का 2,000 करोड़ रुपए फंसा
पीएनबी द्वारा जारी साख पत्रों के आधार पर हुए 11,400 करोड़ रुपए के घोटाले में इलाहाबाद बैंक का भी करीब 2,000 करोड़ रुपए फंसा है। इलाहाबाद बैंक ने भी पीएनबी के धोखाधड़ी से जारी गारंटी पत्रों के आधार पर 2,000 करोड़ रुपए का ऋण दिया है।
इन साख पत्रों के आधार पर अन्य बैंकों की विदेशी शाखाओं ने नीरव मोदी की कंपनियों को कर्ज दिया। यह पैसा इलाहाबाद बैंक की हांगकांग शाखा से पीएनबी के नोस्ट्रो खाते में स्थानांतरित किया गया। बैंक ने इस पैसे की वसूली के लिए पहले ही दावा कर दिया है।
आईबीए की आज हो रही है बैठक
बैंकों के संगठन इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) की पंजाब नेशनल बैंक में 11,400 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आने के बाद शनिवार को बैठक बुलाई गई है।
उल्लेखनीय है कि आईबीए की चेयरपर्सन उषा अनंतसुब्रमण्यन पूर्व में पीएनबी की प्रबंध निदेशक रह चुकी हैं। फिलहाल वह इलाहाबाद बैंक की प्रमुख है।



































