1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. राजन के उत्तराधिकारी के लिए चल रहे ज्यादातर नाम मुद्रास्फीति को लेकर नरम रुख वाले: नोमूरा

राजन के उत्तराधिकारी के लिए चल रहे ज्यादातर नाम मुद्रास्फीति को लेकर नरम रुख वाले: नोमूरा

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Jun 21, 2016 09:30 pm IST,  Updated : Jun 21, 2016 09:31 pm IST

नोमूरा का मानना है कि रघुराम राजन के उत्तराधिकारी के लिए जिन नामों पर अटकलें चल रही हैं उनमें से ज्यादातर महंगाई दर को लेकर तटस्थ से नरम रख रखते हैं।

राजन के उत्तराधिकारी के लिए चल रहे ज्यादातर नाम महंगाई को लेकर नरम रुख वाले: नोमूरा- India TV Hindi
राजन के उत्तराधिकारी के लिए चल रहे ज्यादातर नाम महंगाई को लेकर नरम रुख वाले: नोमूरा

मुंबई। जापानी ब्रोकरेज कंपनी नोमूरा का मानना है कि रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन के उत्तराधिकारी के लिए जिन नामों पर अटकलें चल रही हैं उनमें से ज्यादातर महंगाई दर को लेकर तटस्थ से नरम रख रखते हैं। वहीं राजन के बारे में माना जाता है कि वह मुद्रास्फीति को लेकर सख्त रुख अपनाते हैं। नोमूरा के अर्थशास्त्रियों ने एक नोट में कहा कि जिन नामों पर विचार चल रहा है उनमें से ज्यादातर मुद्रास्फीति को लेकर तटस्थ से नरम रुख रखते हैं। इससे वृद्धि समर्थक लॉबी राहत की सांस ले सकती है। नोट में हालांकि कहा गया है कि राजन के उत्तराधिकारी को लेकर व्यक्तिगत पसंद से मौद्रिक नीति की दिशा बदल सकती है। सरकार के रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति करार तथा मौद्रित नीति समिति के गठन से उसका (नए गवर्नर) का प्रभाव सीमित हो सकता है।

रिजर्व बैंक गवर्नर के लिए जिन नामों पर चर्चा चल रही है उनमें मौजूदा मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढिया तथा एसबीआई प्रमुख अरुंधति भट्टाचार्य का मुद्रास्फीति को लेकर रुख नरम है। वहीं आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकान्त दास तथा रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नरों सुबीर गोकर्ण तथा राकेश मोहन का मुद्रास्फीति को लेकर रुख तटस्थ है।

ब्रोकरेज कंपनी के अनुसार मौजूदा डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल को मुद्रास्फीति के प्रति सख्त रुख रखने वाला माना जाता है। पटेल की सिफारिशों से ही आमतौर पर मौद्रिक नीति का रुख तय होता रहा है। राजन के उत्तराधिकारी का चयन वित्त मंत्री अरुण जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विचार विमर्श में करेंगे। जेटली लगातार कहते रहे हैं कि वह चाहते हैं कि केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों में कटौती करे।

यह भी पढ़ें- FDI निवेश मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा भारत, सौलर एनर्जी और रक्षा क्षेत्र में आएंगा ज्‍यादा निवेश

यह भी पढ़ें- महंगाई के खिलाफ अभियान में मौद्रिक नीति समिति एक क्रांतिकारी कदम: राजन

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा