लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना के तहत लाभ के वितरण में बड़े स्तर पर गड़बडि़यों का पता चला है। राज्य में लगभग 7.8 लाख ऐसे अयोग्य जनधन खातों का पता चला है, जिनमें प्रत्येक में 6000 रुपये की राशि हासिल की गई है। इनमें से 2.3 लाख खाताधारक बिजनेसमैन, व्यापारी और अन्य पेशेवर हैं, जो करदाता हैं। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि 32,000 से ज्यादा लाभार्थी ऐसे पाए गए हैं, जो पहले ही मृत हो चुके हैं।
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अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक कृषि और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम राज्य के 75 जिलों में लाभार्थियों की जांच कर रही है। ऑनलाइन सिस्टम की इसी जांच के दौरान इन भारी गड़बडि़यों का पता चला है। कृषि विभाग, बिजनोर के डिप्टी डायरेक्टर गिरीश चंद ने बताया कि लगभग 7.79 लाख अयोग्य लाभार्थियों का पता लगाया गया है, जो गलत तरीके से पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे हैं। उनके बैंक खाते आधार और पैन कार्ड से लिंक हैं, जिससे हमें उनकी पहचान करने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि यदि किसी अयोग्य व्यक्ति के खाते में सरकारी आर्थिक मदद स्थानांतरित की गई है तो यह ऐसा प्रावधान है कि उस रकम को वापस लिया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के कृषि निदेशक विवेक कुमार सिंह ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की दोबारा से जांच पूरी कर ली गई है। जिन लोगों के बैंक खातों में गलती से या फर्जी दस्तावेजों की मदद से राशि जमा कराई गई है, उसकी वसूली की जाएगी।
बिजनोर में ऐसे 12,000 खातों का पता चला है। सहारनपुर में 20,600 अयोग्य लाभार्थियों की पहचान की गई है। इसी प्रकार मुजफ्फरनगर में 12500 और मेरठ में 9000 अयोग्य लाभार्थी पाए गए हैं।
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