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भारत के श्रमबल में महिलाओं की हिस्सेदारी है केवल 25 प्रतिशत, वैश्विक औसत है 49 प्रतिशत

वाधवानी फाउंडेशन एक विश्वव्यापी संगठन है जो आर्थिक लाभ से ऊपर उठ कर भारत और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में उद्यमशीलता के परिवेश में नई जान डालता है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: November 20, 2020 8:30 IST
Women form only 25 pc of India's workforce against 49 pc globally- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO

Women form only 25 pc of India's workforce against 49 pc globally

नई दिल्‍ली। भारत के श्रमबल में महिलाओं की हिस्सेदारी मात्र 25 प्रतिशत ही है, जबकि इसका वैश्विक औसत 49 प्रतिशत है। गैर-लाभकारी संगठन वाधवानी फाउंडेशन ने गुरुवार को महिला उद्यमिता दिवस पर यह बात कही। फाउंडेशन ने कहा कि आज समय की जरूरत है कि महिला उद्यमियों की क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया जाए, जो अभी तक नहीं हो पाया है। वाधवानी फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अजय केला ने कहा कि यह स्पष्ट है कि भारत के तेजी से बढ़ते उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाएं पीछे छूट गई हैं। इन उद्यमियों को प्रणालीगत समर्थन दिए जाने की जरूरत है। इसके तहत एक एकीकृत नीतिगत रूपरेखा होनी चाहिए, जिसमें ग्रामीण भारत पर भी समान तरीके से ध्यान देने की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा कि भारत में उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी मात्र 14 प्रतिशत है, ऐसे में देश के लिए एक बड़ा अवसर है, जबकि वह महिला उद्यमियों के बहुमूल्य संसाधनों को आगे बढ़ा सकता है और उनकी क्षमता का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में 6.3 करोड़ सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम (एमएसएमई) हैं। इनमें से मात्र छह प्रतिशत की अगुवाई महिलाओं के पास है, जो पूरी तरह प्रतिभा की बर्बादी है। वाधवानी फाउंडेशन की स्थापना अमेरिका के उद्यमी डॉ.रोमेश वाधवानी ने की है। 

वाधवानी फाउंडेशन एक विश्वव्यापी संगठन है जो आर्थिक लाभ से ऊपर उठ कर भारत और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में उद्यमशीलता के परिवेश में नई जान डालता है। खासकर भारत में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के उपायों पर जोर देते हुए महिला के नेतृत्व वाले व्यवसायों में मौजूद तरक्की की असीम संभावना को साकार करने के मकसद से यह महिलाओं की क्षमता बढ़ाने का प्रयास करता है।

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