1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. Adani Group करेगा 1.2 लाख करोड़ का बड़ा निवेश, इन क्षेत्रों में बिजनेस को विस्तार करने की तैयारी

Adani Group करेगा 1.2 लाख करोड़ का बड़ा निवेश, इन क्षेत्रों में बिजनेस को विस्तार करने की तैयारी

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Mar 17, 2024 05:50 pm IST,  Updated : Mar 17, 2024 05:50 pm IST

सूत्रों ने कहा कि ये निवेश तेजी से मुनाफे में वृद्धि की बुनियाद तैयार करेंगे। समूह ने पहले कहा था कि अगले 7-10 वर्षों में 100 अरब डॉलर का पूंजीगत व्यय किया जा सकता है।

Adani group chairman Gautam Adani - India TV Hindi
अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी Image Source : FILE

अडाणी ग्रुप अपने कारोबार को और बड़ा करने के लिए बड़ा निवेश करने जा रही है। ग्रुप ने ऐलान किया है कि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में बंदरगाह, ऊर्जा, हवाई अड्डा, जिंस, सीमेंट और मीडिया क्षेत्र तक फैले अपने कारोबार में 1.2 लाख करोड़ रुपये (लगभग 14 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक का निवेश करने की योजना बनाई है। सूत्रों ने कहा कि समूह ने अगले 7-10 वर्षों में कारोबार बढ़ाने के लिए अपने निवेश पूर्वानुमान को 100 अरब डॉलर से बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अनुमानित पूंजीगत व्यय इससे पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक है। 

निवेश से बढ़ेगा ग्रुप कंपनियों का मुनाफा

विश्लेषकों के अनुसार 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष 2023-24 में कैपिटल एक्सपेंडिचर लगभग 10 अरब डॉलर का पूंजीगत व्यय होने का अनुमान है। सूत्रों ने कहा कि ये निवेश तेजी से मुनाफे में वृद्धि की बुनियाद तैयार करेंगे। समूह ने पहले कहा था कि अगले 7-10 वर्षों में 100 अरब डॉलर का पूंजीगत व्यय किया जा सकता है। इस निवेश का अधिकांश भाग समूह के तेजी से बढ़ते व्यवसायों - नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और हवाई अड्डों में किया जाना है। पूंजीगत व्यय का ज्यादातर हिस्सा हरित ऊर्जा के लिए होगा। इसके अलावा हवाई अड्डों और बंदरगाह व्यवसायों पर खर्च किया जाएगा। 

हिंडनबर्ग रिपोर्ट का मकसद बदनाम करना था

हाल ही में अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि पिछले साल जनवरी में आई अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट न केवल विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार वाले समूह को अस्थिर करने बल्कि भारत की शासन (गवर्नेंस) प्रणाली को राजनीतिक रूप से बदनाम करने के लिए भी लाई गई थी। शॉर्ट-सेलर एवं निवेश शोध फर्म हिंडनबर्ग ने अडाणी समूह पर शेयरों के भाव में हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। उस समय समूह ने सभी आरोपों से इनकार किया था। इस साल उसे उच्चतम न्यायालय से भी राहत मिली जब न्यायाधीशों ने फैसला सुनाया कि उसे अतिरिक्त जांच का सामना करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, यह रिपोर्ट आने के बाद अडाणी समूह के शेयरों में 150 अरब डॉलर से अधिक की बिकवाली हुई थी। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा