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रॉयल्टी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बढ़ाई माइनिंग कंपनियों की टेंशन! अब रेटिंग एजेंसी मूडीज का भी आया ये बड़ा बयान

Edited By: Sunil Chaurasia Published : Aug 21, 2024 07:30 am IST, Updated : Aug 21, 2024 07:30 am IST

सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को अपने एक आदेश में खनिज समृद्ध राज्यों को ये मंजूरी दी कि वे 1 अप्रैल, 2005 की तारीख से खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त जमीन पर रॉयल्टी और टैक्स पर बकाया राशि की मांग रख सकते हैं।

अदालत के फैसले से कैसे प्रभावित होगी कंपनियों के प्रॉफिट कमाने की क्षमता- India TV Paisa
Photo:REUTERS अदालत के फैसले से कैसे प्रभावित होगी कंपनियों के प्रॉफिट कमाने की क्षमता

दिग्गज ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भविष्य में भारत की माइनिंग कंपनियों के प्रॉफिट पर बुरा असर पड़ने का अनुमान जताया है। मूडीज ने कहा है कि माइनिंग पर रॉयल्टी को लेकर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और वेदांता रिसोर्सेज जैसी माइनिंग कंपनियों के लिए नेगेटिक साबित होगा। मूडीज ने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से माइनिंग कंपनियों उनका कैश फ्लो कम होने के साथ लाभप्रदता प्रभावित होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में राज्यों और कंपनियों के लिए क्या कहा था

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को अपने एक आदेश में खनिज समृद्ध राज्यों को ये मंजूरी दी कि वे 1 अप्रैल, 2005 की तारीख से खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त जमीन पर रॉयल्टी और टैक्स पर बकाया राशि की मांग रख सकते हैं। मूडीज रेटिंग्स ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर एक बयान में कहा, ''भारत में माइनिंग ऑपरेशन करने वाली कंपनियों टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, जेएसडब्ल्यू स्टील और वेदांता रिसोर्सेज के लिए पिछली तारीख से टैक्स लगाना साख के लिहाज से नेगेटिव है, क्योंकि किस्तों में भुगतान से उनके कैश फ्लो पर बुरा असर पड़ेगा।''

अदालत के फैसले से कैसे प्रभावित होगी कंपनियों के प्रॉफिट कमाने की क्षमता

रेटिंग एजेंसी ने कहा, ''इन कंपनियों को आगे चलकर स्टेट टैक्स का भुगतान करना होगा, जिससे उनके प्रॉफिट कमाने की क्षमता प्रभावित होगी।'' मूडीज ने इसके साथ ही ये भी कहा कि कंपनियों को बकाया टैक्स का भुगतान 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले 12 सालों में किस्तों में करना होगा। लेकिन ग्राहकों पर इस ऊंची लागत का बोझ डालने की कंपनियों की क्षमता उनके प्रॉफिट कमाने की क्षमता को कम कर सकती है।'' मूडीज का मानना है कि नए टैक्सों के साथ कैश फ्लो में कमी आने से माइनिंग कंपनियों को अपनी पूंजीगत व्यय योजनाएं नए सिरे से तैयार करनी पड़ सकती हैं।

पीटीआई इनपु्ट्स के साथ

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