1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. पैसा
  4. फायदे की खबर
  5. Diwali Bonus: सरकार ने बताया बोनस तय करने का फॉर्मूला, कर्मचारियों के लिए पात्रता शर्तों का भी किया खुलासा

Diwali Bonus: सरकार ने बताया बोनस तय करने का फॉर्मूला, कर्मचारियों के लिए पात्रता शर्तों का भी किया खुलासा

7,000 रुपए की मासिक परिलब्धियों की मासिक गणना के हिसाब से 30 दिन का गैर-उत्पादकता आधारित बोनस 6,908 रुपए होगा।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: October 23, 2020 9:42 IST
Govt fixes calculation ceiling for diwali bonus at Rs 7,000- India TV Paisa
Photo:PTI

Govt fixes calculation ceiling for diwali bonus at Rs 7,000

नई दिल्‍ली। वित्‍त मंत्रालय ने केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्‍ड बोनस (तदर्थ बोनस) की गणना के लिए 7,000 रुपए की कैलकूलेशन सीमा तय की है। बोनस गणना की इस सीमा के साथ कर्मचारी अधिकतम 6,908 रुपए का बोनस पाने का पात्र होगा। व्यय विभाग की ओर से गुरुवार को जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि नॉन-प्रोडक्टिविटी आधारित बोनस मात्रा परिलब्धियों/गणना की सीमा, जो भी कम होगा, उसके हिसाब से तय होगा।

एक उदाहरण देते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि 7,000 रुपए की मासिक परिलब्धियों की मासिक गणना के हिसाब से 30 दिन का गैर-उत्पादकता आधारित बोनस 6,908 रुपए होगा। व्यय विभाग की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि भारत के राष्ट्रपति ने समूह सी और समूह बी में सभी गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को, जो उत्पादकता से जुड़े बोनस योजना के तहत नहीं आते हैं, को लेखा वर्ष 2019-20 के लिए 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर गैर-उत्पादकता आधारित बोनस (तदर्थ-बोनस) देने की अनुमति दी है।

व्‍यय विभाग ने स्‍पष्‍ट किया है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्‍त्र बलों के कर्मचारियों को भी यह तदर्थ बोनस दिया जाएगा। विभाग ने यह भी बताया है कि केवल वही कर्मचारियों इस तदर्थ बोनस को पाने के लिए पात्र होंगे जो 31 मार्च, 2020 तक सेवा में थे और जिन्‍होंने वर्ष 2019-20 के दौरान कम से कम 6 माह तक निरंतर सेवा प्रदान की है। सेंट्रल कैबिनेट ने बुधवार को 30.67 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को 3737 करोड़ रुपए का बोनस देने को मंजूरी दी थी। सरकार ने त्‍योहारी सीजन के दौरान खर्च को बढ़ावा देने और अर्थव्‍यवस्‍था में मांग बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है।

रेलवे, पोस्‍ट, डिफेंस, ईपीएफओ, ईएसआईसी जैसे कॉमर्शियल इस्‍टेब्‍लिशमेंट्स के नॉन-गैजेटेड 16.9 लाख कर्मचारियों को प्रोडक्टिविटी लिंक्‍ड बोनस दिया जाएगा। इस पर सरकार का कुल 2791 करोड़ रुपए खर्च होगा। इसके अलावा 13.870 लाख नॉन-गैजेटेड सेंट्रल गवर्नमेंट कर्मचारियों को नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्‍ड बोनस दिया जाएगा, जिस पर 946 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

रेलवे के 11.58 लाख कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन के वेतन के बराबर बोनस

भारतीय रेलवे ने गुरुवार को कहा कि उसके करीब 11.58 लाख गैर-राजपत्रित कर्मचारियों (आरपीएफ/आरपीएसएफ कर्मचारियों को छोड़कर) को वित्त वर्ष 2019-20 के लिये 78 दिन के वेतन के बराबर बोनस देने की मंजूरी दी गई है। रेल कर्मचारियों का उत्पादकता आधारित बोनस कुल 2081.68 करोड़ रुपए अनुमानित है। बोनस के लिए पात्र गैर-राजपत्रित रेल कर्मचारियों के लिए वेतन आकलन सीमा 7,000 रुपए प्रति महीना तय की गई है। रेल मंत्रालय के बयान के अनुसार इसके तहत पात्र रेल कर्मचारी को 78 दिन के लिए अधिकतम 17,951 रुपए बोनस मिलेगा।

रेल कर्मियों को हर साल पीएलबी दुर्गा पूजा/दशहरा से पहले मिलता है। इससे उम्मीद है कि कर्मचारी रेलवे के प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए प्रेरित होंगे। इस साल के दुर्गा पूजा.दशहरा अवकाश से पहले बोनस क्रियान्वित किया जाएगा।

 

Write a comment