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गोल्ड बॉन्ड स्कीम का ऐलान, जानिये इस स्कीम को लेकर सभी सवालों के जवाब

मई 2021 से सितंबर 2021 तक छह किस्तों में बॉन्ड जारी करने का ऐलान किया गया है। इसके मुताबिक पहली किस्त में 17 से 21 मई तक आवेदन दिये जा सकेंगे।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: May 13, 2021 17:17 IST
गोल्ड बॉन्ड स्कीम का...- India TV Paisa
Photo:PTI

गोल्ड बॉन्ड स्कीम का ऐलान

नई दिल्ली। सोने के निवेश और ज्यादा सुविधाजनक और आकर्षक बनाने के साथ साथ फिजिकल गोल्ड के आयात पर नियंत्रण के उद्देश्य से सरकार ने गोल्ड बॉन्ड स्कीम शुरू की थी। हर साल सरकार किस्तों में बॉन्ड जारी करती है, जो कि कम से कम 1 ग्राम की कीमत के बराबर होतें हैं। इस साल के लिये भी सरकार ने स्कीम का ऐलान कर दिया है। जानिये इससे जुड़े हर सवाल का जवाब

कब-कब जारी होंगे बॉन्ड

मई 2021 से सितंबर 2021 तक छह किस्‍तों में बॉन्ड जारी करने का ऐलान किया गया है। इसके मुताबिक पहली किस्त में 17 से 21 मई तक आवेदन दिये जा सकेंगे। दूसरी किस्त में 24 से 28 मई, तीसरी किस्त में 31 मई से 4 जून, चौथी किस्त में 12 से 16 जुलाई, पांचवी किस्त में 9 से 13 अगस्त और छठी किस्त में 30 अगस्त से 3 सितंबर तक आवेदन दिये जा सकेंगे।

कहां से होगी बॉन्ड की बिक्री
इन बॉन्‍डों की बिक्री बैंकों (लघु वित्त बैंकों और पेमेंट बैंकों को छोड़कर), स्‍टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), नामित डाकघरों और मान्‍यता प्राप्‍त स्‍टॉक एक्‍सचेंजों जैसे कि नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बंबई स्‍टॉक एक्‍सचेंज लिमिटेड के जरिये की जाएगी। 

क्या हैं गोल्ड बॉन्ड की खासियतें

गोल्ड बॉन्ड आपको दो तरह से फायदा देता है। आप इसके जरिए सोने में निवेश कर सकते हैं, वहीं इसमें आपको इश्यू प्राइस पर तय ब्याज भी मिलता है। यानि बॉन्ड भुनाने पर आपको उस वक्त चल रही सोने की कीमत के आधार पैसा और इश्यू प्राइस पर ब्याज दोनो मिलते हैं। उदाहरण के लिए आपने अगर एक ग्राम सोना के लिए बॉन्ड खरीदा है तो आपको मैच्योरिटी पर एक ग्राम ही सोना मिलेगा भले ही उस वक्त सोने की कीमत कुछ भी हो, वहीं आज दिए गए इश्यू प्राइस पर पूरी अवधि के दौरान ब्याज भी मिलेगा।

क्या है गोल्ड बॉन्ड से जुड़े जोखिम

गोल्ड बॉन्ड से जुड़ा एकमात्र जोखिम है सोने की कीमतों में गिरावट से होने वाला कैपिटल लॉस। दरअसल गोल्ड ब़ॉन्ड में सोने की मात्रा सुरक्षित रहती है उसकी कीमत नहीं। ऐसे में आपको मैच्योरिटी पर सोने की मात्रा के आधार पर ही रिटर्न मिलेगा। हालांकि बॉन्ड पर ब्याज भी मिलता है इसलिए कीमतें गिरने पर समान अवधि में ठोस सोने के मुकाबले बॉन्ड में नुकसान कम होगा।

कैसे कर सकते हैं निवेश

बॉन्ड में निवेश के लिए रिजर्व बैंक ने कई माध्यम दिए हैं। निवेशक कर्मर्शियल बैंक , पोस्ट ऑफिस की खास शाखाएं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, बॉन्बे स्टॉक एक्सचेंज, स्टॉक होल्डिंग्स कॉर्पोरेशन कॉपोरेशन से बॉन्ड खरीद सकते हैं। NSE, BSE एजेंट के जरिए निवेश का विकल्प उपलब्ध कराते हैं। आम लोग बैंकों और पोस्ट ऑफिस और डीमैट अकाउंट के जरिए बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। स्टॉक ब्रोकर अपने ग्राहकों को डीमैट में निवेश के विकल्प देते हैं, निवेशक इसके जरिए बॉन्ड खरीद सकते हैं। रिजर्व बैंक ने सभी कर्मर्शियल बैंक की लिस्ट जारी की है, जिसके जरिए बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, आईसीआईसीआई बैक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक शामिल है। ग्राहक अपने बैंक की शाखा या फिर डीमैट के जरिए निवेश कर सकते हैं।

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