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प्‍लॉट या फ्लैट, आपके लिए क्‍या खरीदना होगा समझदारी वाला विकल्‍प?

भारत के कई प्रमुख शहरों में अपार्टमेंट कल्‍चर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी बहुत से लोग अपने मन में प्‍लॉट खरीदकर स्‍वयं का मकान बनाने की इच्‍छा रखते हैं

Abhishek Shrivastava
Published : Oct 14, 2016 07:19 am IST, Updated : Oct 14, 2016 05:48 pm IST
नई दिल्‍ली। भारत के कई प्रमुख शहरों में अपार्टमेंट कल्‍चर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी बहुत से लोग अपने मन में प्‍लॉट खरीदकर स्‍वयं का मकान बनाने की इच्‍छा रखते हैं। यदि आप भी ऐसा करने की सोच रखते हैं तो आपको तमाम मुद्दों जैसे बिल्डिंग कॉस्‍ट, एप्रीसिएशन, फाइनेंशियल असिस्‍टेंस और इनकम पर ध्‍यान देना चाहिए। रियल एस्‍टेट में निवेश हमेशा फायदेमंद होता है, यदि आप इसे सही ढंग से करते हैं। आइए आज हम आपको यहां बताते हैं कि आपके लिए अपार्टमेंट या प्‍लॉट खरीदना, क्‍या होगा फायदेमंद।

इन्‍वेस्‍टमेंट

रेडी-टू-मूव-इन फ्लैट खरीदने के लिए आपको एक बड़ी राशि की जरूरत होगी या लोन लेना होगा और लंबे समय तक ईएमआई का भुगतान करना होगा। इसका मतलब हुआ कि जैसे ही आप इस घर में रहना शुरू करते हैं, आपको तुरंत ईएमआई का भुगतान करना भी शुरू करना होगा। हालांकि अगर आप प्‍लॉट खरीदते हैं तो आपको इस पर निर्माण कार्य के लिए पैसा खर्च करना होगा। प्‍लॉट पर निर्माण कार्य समान आकार के फ्लैट से महंगा पड़ेगा।

फ्लैट या प्‍लॉट को खरीदने की कीमत उसके स्‍थान पर निर्भर करती है। यदि आप मेट्रो में शहरी सीमा के भीतर प्‍लॉट खरीदने पर विचार कर रहे हैं, जहां जमीन सीमित है, वहां कीमत बहुत ज्‍यादा होगी। यहां ध्‍यान रखने की बात यह है कि अधिकांश बैंक फ्लैट खरीदने के लिए लोन तो देते हैं, लेकिन प्‍लॉट खरीदने के लिए कुछ ही बैंक लोन की सुविधा देते हैं।

इसके अलावा अपना घर बनवाने के लिए न केवल धन की जरूरत होती है बल्कि निर्माण प्रक्रिया पर भी निगरानी रखने की आवश्‍यकता होती है। ऐसे में कई बार निर्माण लागत भी बढ़ जाती है। वहीं इसके विपरीत फ्लैट के साथ ऐसा नहीं है, आपको एग्रीमेंट के अनुसार बेसिक जरूरतों के लिए पहले से तय एक निश्चित राशि का भुगतान बिल्‍डर को करना होता है।

एक प्‍लॉट को रेजिडेंशियल एरिया में परिवर्तित करने के लिए आपको नगर निकायों से कई मंजूरियां भी लेनी होती हैं। फ्लैट के मामले में यह सारे काम बिल्‍डर्स द्वारा किए जाते हैं। यह बहुत ज्‍यादा समय लेने वाली प्रक्रिया होती है, जिससे आपको छुटकारा मिल जाता है।

रिसेल की गुंजाइश

जब आप स्‍वयं अपना घर बनवाते हैं तो आप इसे अपनी पसंद और मर्जी से बनवाते हैं, जिसमें ये जरूरी नहीं है कि जब आप इसे बेचे तो संभावित खरीदार को वो सब पसंद आए। ऐसे में खरीदार को इसके रिनोवेशन पर बड़ा पैसा खर्च करना पड़ सकता है या वो इस घर को पूरी तरह तोड़कर नया निर्माण कर सकता है। ऐसे में प्रॉपर्टी की विक्रय कीमत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अपार्टमेंट में ऐसा नहीं होता है। क्‍योंकि वे एक तय ढांचे में बने होते हैं, जो कि बिल्डिंग का हिस्‍सा होता है। इसलिए इसे बाजार कीमत पर बिना ज्‍यादा मोलभाव किए बेचना बहुत आसान होता है। प्‍लॉट का केवल एक ही फायदा है कि खरीदार की जमीन अपनी होती है और वह एकदम नया घर बनवा सकता है।

इन्‍वेस्‍टमेंट पर रिटर्न

इन्‍डेपेंडेंट हाउस के मामले में जमीन की कीमत तो बढ़ती है, लेकिन निर्माणाधीन प्रॉपर्टी की वैल्‍यू समय के साथ घटती जाती है क्‍योंकि उपयोग होने से इसका क्षय होता है। विक्रेता को इसकी कीमत ऊपर बनाए रखने के लिए लगातार निवेश करते रहना पड़ता है। एक फ्लैट की कीमत लगातार बढ़ती रहती है क्‍योंकि इसके किफायती होने के कारण इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। हालांकि प्‍लॉट का मालिक अपने निवेश पर अच्‍छा लाभ कमा सकता है यदि वह समझदारी से इस पर कई फ्लोर बनाए और उन्‍हें किराए पर उठाए। यदि प्‍लॉट को विशुद्ध रूप से इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए खरीदा जा रहा है तो यह बहुत अच्‍छा फायदा दे सकता है।

सुरक्षा 

यदि आप प्‍लॉट खरीद रहे हैं तो यह सुनिश्चित करना भी बहुत जरूरी है कि वह सभी कानूनी जटिलताओं से मुक्‍त हो। इसके लिए विक्रेता के पास सभी प्‍लॉट संबंधी सभी डीड और दस्‍तावेज होने चाहिए और जमीन से जुड़ा कोई भी विवाद- आपराधिक या दीवानी- नहीं होना चाहिए। कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें लोगों ने सरकारी जमीन या एक ही प्‍लॉट को कई लोगों को बेच दिया है। ऐसा सामन्‍यतौर पर फ्लैट के मामले में नहीं होता है। अधिकांश मामलों में बिल्‍डर द्वारा नगर निकायों से सभी मंजूरियां और कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही अपार्टमैंट का निर्माण किया जाता है, इसलिए ऐसी आशंका अपने आप खत्‍म हो जाती है। दूसरा मुद्दा सुरक्षा है। एक हाउसिंग सोसाएटी पूरी तरह सुरक्षित होती है और यहां 24 घंटे चौकीदार रहते हैं। कई परिवार एक साथ रहते हैं, जिससे सुरक्षा और बढ़ जाती है। वहीं स्‍वतंत्ररूप से रहने पर सुरक्षा के लिए आपको अपनी ही जेब से पैसे खर्च करने पड़ते हैं।

सुविधाएं

अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदने पर आपको क्‍लब, स्‍वीमिंग पूल, जिम और इनडोर शॉपिंग, पार्क जैसी सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन यदि आप प्‍लॉट लेकर घर बनवाते हैं तो ये सारी सुविधाएं आपको नहीं मिलतीं और इनके लिए आपको अलग-अलग जगह जाना पड़ता है।

निष्‍कर्ष    

अपनी जरूरतों, वित्‍तीय क्षमता और जिम्‍मेदारियों का बेहतर विश्‍लेषण करने के बाद ही आपको बेहतर विकल्‍प चुनना चाहिए। यदि आप कुछ वर्षों के लिए अपने धन को निवेश करने की सोच रहे हैं, तो ऐसे में आपको ऐसे स्‍थान पर प्‍लॉट देखना चाहिए जहां भविष्‍य में उसके दाम बहुत ज्‍यादा बढ़ने की संभावना हो, यह आपके लिए ज्‍यादा अच्‍छा होगा। यदि आप नियमित रिटर्न चाहते हैं, तो आपको फ्लैट में निवेश करना चाहिए।

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