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PPF एकाउंट इनएक्टिव होने से होते हैं कई नुकसान, फ‍िर से एक्टिव करवाने के लिए करना होगा इतना भुगतान

पीपीएफ एकाउंट (PPF account ) में हर साल न्यूनतम निवेश की रकम नहीं डाले जाने पर यह खाता इनएक्टिव यानी निष्क्रिय हो जाता है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: January 11, 2021 13:00 IST
PPF account inactive disadvantages what is the process to activated PPF account again step by step p- India TV Paisa

PPF account inactive disadvantages what is the process to activated PPF account again step by step process details

नई दिल्‍ली। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) टैक्‍स बचाने और दीर्घावधि निवेश के लिए एक लोकप्रिय माध्‍यम है। किसी एक वित्त वर्ष में इसमें न्‍यूनतम 500 रुपये और अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक निवेश करने की सीमा तय की गई है। इस निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है।

पीपीएफ एकाउंट (PPF account ) में हर साल न्‍यूनतम निवेश की रकम नहीं डाले जाने पर यह खाता इनएक्टिव यानी निष्क्रिय हो जाता है।  इसके कई नुकसान हैं। पीपीएफ में निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है। ब्याज आय पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है। मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स के दायरे में नहीं आती है।

इनएक्टिव एकाउंट के नुकसान

2016 में पीपीएफ नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। सरकार ने कुछ खास स्थितियों में मैच्योरिटी के पहले पीपीएफ खाते को बंद करने की अनुमति दी है। इन स्थितियों में जानलेवा बीमारी का इलाज या बच्चे की शिक्षा के लिए खर्च शामिल हैं। पीपीएफ खाते के पांच साल चलने के बाद ही अंशदाता ऐसा कर सकते हैं। रुके हुए पीएपीएफ खाते के साथ यह सुविधा नहीं मिलती है। तीसरे वित्त वर्ष के बाद छठे वित्त वर्ष के समाप्त होने तक पीपीएफ खाते में बैलेंस पर लोन लिया जा सकता है। निष्क्रिय पीपीएफ खाते में यह सुविधा नहीं मिलती है।

अगर खाताधारक बंद पड़े पीपीएफ खाते के अलावा कोई अन्य पीपीएफ अकाउंट खुलवाना चाहता है तो नियम इसकी अनुमति नहीं देते हैं। किसी एक व्यक्ति के दो पीपीएफ खाते नहीं हो सकते हैं। हालांकि, पीपीएफ एकाउंट को दोबारा आसानी से चालू कराया जा सकता है।

PPF एकाउंट को रिएक्टिवेट कराने का तरीका

  • पीपीएफ खाते को दोबारा चालू करने के लिए आपको उस बैंक या पोस्‍ट ऑफिस जाना होगा जहां यह खुला है। यहां आपको खाता दोबारा चालू कराने संबंधी एक फॉर्म भरना होगा।
  • इसके बाद आपको बकाया रकम (एरियर) का भुगतान करना होगा। यानी जिन वर्षों में आपने भुगतान नहीं किया है, उनमें से हर वर्ष के लिए 500 रुपये का मिनिमम पेमेंट करना होगा।
  • इस भुगतान के साथ हर साल के हिसाब से 50 रुपये की पेनाल्‍टी भी देनी होगी।
  • मान लेते हैं कि खाता 3 साल नहीं चला है। तो, तीन साल के 1,500 रुपये और 150 रुपये पेनाल्‍टी मिलाकर 1,650 रुपये देने होंगे।
  • इस तरह खाता दोबारा एक्टिवेट हो जाएगा। पीपीएफ खाते में 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है। यानी इसमें 15 साल से पहले पैसा नहीं निकाल सकते हैं।

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