No Results Found
Other News
सोमवार को बीएसई पर इंडिगो के शेयर भारी गिरावट के साथ 5100.05 रुपये के भाव पर खुले थे। जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता गया, वैसे-वैसे इसमें गिरावट भी बढ़ती चली गई।
आज की इस भारी गिरावट के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं, जिनमें भारतीय मुद्रा रुपये में भारी गिरावट, फेडरल रिजर्व के फैसलों का इंतजार और विदेशी निवेशकों की बिकवाली प्रमुख हैं।
केंद्रीय मंत्री ने इंडिगो को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। यात्रियों को हुई भारी परेशानी पर चिंता व्यक्त करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी जारी की गई है।
जिन सफल निवेशकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट अकाउंट में शेयर उसी दिन क्रेडिट कर दिए जाएंगे। 8 दिसंबर तक Meesho IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP लगभग ₹40–₹41 प्रति शेयर दर्ज किया गया है।
कॉमर्शियल गाड़ियों को रिफ्लेक्टर लगाने के भी निर्देश दिए हैं। बिना रिफ्लेक्टर एक्सप्रेसवे में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन भी जब्त कर ली जाएगी।
बीते 2 दिसंबर से लगातार फ्लाइट कैंसिल होने के चलते यात्रियों और सरकार दोनों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। एयरलाइन ने इसका कारण पायलटों से जुड़े नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को बताया है।
वायदा बाजार में फरवरी डिलीवरी के लिए सोने और चांदी की कीमत में कुछ फेरबदल देखने को मिला है। महानगरों में सोने के हाजिर भाव में भी बदलाव आया है।
शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर को छोड़कर, बाकी सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं। सबसे ज्यादा गिरावट रियल्टी इंडेक्स में दिख रहा है।
IndiGo एयरलाइंस लगातार अपने ऑपरेशन को स्थिर करने की कोशिशें कर रही है। बीते कुछ दिनों में भारी संख्या में कई वजहों से फ्लाइट्स कैंसिल होती रहीं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एनएसई ने स्पष्ट किया है कि प्री-ओपन सेशन में रखे गए हर ऑर्डर को मार्जिन वैलिडेशन से गुज़रना होगा। अपर्याप्त मार्जिन होने पर ऑर्डर तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
लेटेस्ट न्यूज़