JLR posts GBP 3.6bn loss amid weak China demand, Tata Motors Q4 net dips 49 percent
लंदन/मुंबई। टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) को 3.6 अरब पौंड का सालाना नुकसान हुआ है। कंपनी ने बताया कि चीन में लग्जरी कारों की मांग कमजोर पड़ना इसकी प्रमुख वजह है। चीन में तकरीबन छह प्रतिशत की कमी आई है।
हालांकि कार बनाने वाली ब्रिटेन की कंपनी जेएलआर को वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में लाभ हुआ है। कंपनी ने ब्रेक्जिट के चलते वाहन उद्योग को लगे झटकों से उबरने के लिए कई कदम उठाए हैं। जेएलआर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राल्फ स्पेथ ने कहा कि जेएलआर वाहन उद्योग क्षेत्र की पहली ऐसी कंपनी है जिसने कई चुनौतियों के बावजूद सफलता पाई है।
चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 49 प्रतिशत घटकर 1,109 करोड़ रुपए
वाहन बनाने वाली घरेलू कंपनी टाटा मोटर्स का एकीकृत शुद्ध लाभ 31 मार्च को समाप्त चौथी तिमाही में 49 प्रतिशत घटकर 1,108.66 करोड़ रुपए रहा। मुख्य रूप से आमदनी घटने तथा ब्रिटिश इकाई जगुआर लैंड रोवर के कारोबार से जुड़े कुछ विशेष प्रावधान की वजह से उसका मुनाफा घटा है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2017-18 की इसी तिमाही में कंपनी ने 2,175.16 करोड़ रुपए का एकीकृत शुद्ध लाभ कमाया था।
आलोच्य तिमाही में कंपनी की कुल एकीकृत आय 87,285.64 करोड़ रुपए रही, जो एक साल पहले 2017-18 की चौथी तिमाही में 91,643.44 करोड़ रुपए थी। इस तरह कंपनी की आय 4.75 प्रतिशत घटी। तिमाही के दौरान जेएलआर ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम चलाया, जिसके लिए 1,367.22 करोड़ रुपए के खर्च का विशेष प्रावधान करना पड़ा।
पूरे वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी को 28,724.20 करोड़ रुपए का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ, जबकि इससे पूर्व वित्त वर्ष में 9,091.36 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। इसमें मुख्य रूप से 27,837.91 करोड़ रुपए के निवेश के नुकसान का बड़ा हाथ है। कंपनी की कुल आय आलोच्य वित्त वर्ष में 3,04,903.71 करोड़ रुपए रही, जो इससे पूर्व वित्त वर्ष 2017-18 में 2,96,298.23 करोड़ रुपए थी।






































