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दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मालविंदर सिंह को दिया आदेश, जमा करवाएं 35 लाख सिंगापुरी डॉलर

दिल्ली उच्च न्यायालय ने रैनबैक्सी लैबोरेट्रीज के पूर्व प्रमोटर मालविंदर सिंह को अदालती आदेश के उल्लंघन के लिए 35 लाख सिंगापुरी डॉलर जमा कराने का निर्देश दिया है।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published : Sep 05, 2018 08:35 pm IST, Updated : Sep 05, 2018 08:35 pm IST
Malvinder Singh- India TV Paisa

Malvinder Singh

नई दिल्ली दिल्ली उच्च न्यायालय ने रैनबैक्सी लैबोरेट्रीज के पूर्व प्रमोटर मालविंदर सिंह को अदालती आदेश के उल्लंघन के लिए 35 लाख सिंगापुरी डॉलर जमा कराने का निर्देश दिया है। मालविंदर ने यह राशि एक कंपनी में अपने शेयर बेचकर प्राप्त की थी, जो अदालत के आदेश का उल्लंघन है। न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने कहा कि निश्चित रूप से यह अदालत के पिछले आदेश का उल्लंघन है। उच्च न्यायालय ने मालविंदर और उनके भाई शिविंदर सिंह को अपनी संपत्तियों की बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया था।

मालविंदर के अधिवक्ता ने अदालत को सूचित किया कि रेलिगेयर हेल्थकेयर प्राइवेट लि. में उनके 45 लाख इक्विटी शेयर अप्रैल में सिंगापुर में बेचे गए। मालविंदर भी अदालत में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि इस शेयर बिक्री से मालविंदर को 35 लाख सिंगापुरी डॉलर मिले। इस राशि का इस्तेमाल मालविंदर और शिविंदर ने सिंगापुर में एक अपार्टमेंट के ईएमआई के भुगतान के लिए किया, जिससे भुगतान में चूक होने से बचा जा सके।

दिल्ली उच्च न्यायालय दाइची सैंक्‍यो की उस याचिका की सुनवाई कर रहा है जिसमें उसने सिंगापुर न्यायाधिकरण के फैसले के क्रियान्वयन की अपील की है। इस मामले में न्यायाधिकरण ने 3,500 करोड़ रुपए का भुगतान करने को कहा था। दाइची के वकील ने कहा कि मालविंदर ने अदालत के 19 फरवरी के उस फैसले की अवमानना की है जिसमें दोनों भाइयों को संपत्तियों की बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया गया था।

अदालत ने कहा था कि दोनों भाइयों ने इस मामले के दौरान जिन संपत्तियों का खुलासा किया है उसकी बिक्री वे नहीं कर सकते। अदालत ने दोनों भाइयों और 12 अन्य पर अपने शेयरों या किसी अन्य चल अचल संपत्ति के स्थानांतरण पर रोक लगाई थी।

आदेश के उल्लंघन पर संज्ञान लेते हुए न्यायाधीश ने कहा कि निश्चित रूप से यह अदालती निर्देशों के उल्लंघन का मामला है। ऐसे में मालविंदर को निर्देश दिया जाता है कि वह शेयरों की बिक्री से हासिल राशि अदालत की रजिस्ट्री के पास जमा कराएं। दो घंटे से अधिक समय तक चली सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यह राशि चार सप्ताह में जमा करानी होगी।

यह सूचित किए जाने पर कि अदालत द्वारा नियुक्त स्थानीय आयुक्त ने सिंह भाइयों के सूचीबद्ध कंपनियों में शेयर बेचे हैं, न्यायाधीश ने कहा कि इस बिक्री से हासिल 9.2 करोड़ रुपए दाइची को जारी किए जाएं। हालांकि, अदालत ने दाइची से एक शपथपत्र देने को कहा जिसमें कहा गया है कि यदि भविष्य में धन को वापस जमा करने को कहा जाएगा तो वह उसका अनुपालन करेगा।

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