वाशिंगटन। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि नोटबंदी से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों में काफी कमी आई है। पिछले 8-10 महीनों से जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाज नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने यह बात उस समय कही जब यह सवाल उठाया गया कि स्वच्छ भारत, जीएसटी और नोटबंदी जैसी पहलों से जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि नकदी कई तरह की चुनौतियां पैदा करती है। इससे भ्रष्टाचार और अन्य समस्याएं पैदा होती हैं।
वित्त मंत्री ने बर्कले भारत सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि नोटबंदी के तत्काल बाद जम्मू-कश्मीर और छाीसगढ़ जैसे राज्यों में घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों में भारी कमी आई। जेटली ने कहा कि अभी भी आतंकवादी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन उस समय आप देखते थे कि 5,000 -10,000 पत्थरबाजों को आतंकवादी संगठनों द्वारा पैसा दिया जाता था। पिछले 8-10 महीनों में ऐसा क्यों नहीं हो रहा।
पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1000 और 500 के नोटों नोटबंदी करने की घोषणा की थी। सरकार ने उस समय कहा था कि इसका मकसद कालेधन, जाली नोट, आतंकवादी गतिविधियों तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है।



































