नई दिल्ली। देश में मार्च महीने में 2.46 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया। यह इससे पिछले साल के इसी महीने के 2.11 अरब डॉलर के आंकड़े से 16.5 फीसदी अधिक है। औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। पूरे वित्त वर्ष 2015-16 में एफडीआई प्रवाह 29 फीसदी बढ़कर 40 अरब डॉलर पर पहुंच गया। 2014-15 में देश में 30.93 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया था। वर्ष 2000-01 के बाद 2015-16 में देश में सबसे अधिक विदेशी निवेश आया है।
इस दौरान सेवा क्षेत्र में 6.88 अरब डॉलर का सबसे अधिक विदेशी निवेश आया। उसके बाद कम्प्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में 5.90 अरब डॉलर, ट्रेडिंग कारोबार में 3.84 अरब डॉलर तथा वाहन उद्योग में 2.52 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया।
बीते वित्त वर्ष में देश में सिंगापुर के रास्ते सबसे अधिक विदेशी निवेश आया। इस मामले में सिंगापुर ने मॉरीशस को पीछे छोड़ दिया। देश को इस दौरान सिंगापुर से 13.69 अरब डॉलर का विदेशी निवेश मिला। मॉरीशस से 8.35 अरब डॉलर, अमेरिका से 4.19 अरब डॉलर, नीदरलैंड से 2.64 अरब डॉलर तथा जापान से 2.61 अरब डॉलर का विदेशी निवेश मिला। सरकार ने उदार एफडीआई नीति के जरिये निवेश को प्रोत्साहन के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार जल्द खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एफआईपीबी मंजूरी मार्ग से 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दे सकती है।



































