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इस साल प्याज नहीं निकाल सकेगा आंसू, कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने बनाई ये खास योजना

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Mar 09, 2021 06:38 pm IST,  Updated : Mar 09, 2021 06:38 pm IST

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी बागवानी फसलों के उत्पादन के चालू फसल वर्ष 2020-21 के पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार देश में इस साल प्याज का उत्पादन 262.29 लाख टन हो सकता है।

प्याज का बनेगा...- India TV Hindi
प्याज का बनेगा रिकॉर्ड बफर स्टॉक Image Source : PTI

नई दिल्ली। इस साल प्याज की कीमतों के शतक मारने का सिलसिला थम सकता है। सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण के लिए एक खास योजना बनाई है, जिसपर अगले महीने से अमल शुरू हो जाएगा। दरअसल हर साल मॉनसून से लेकर नवंबर  तक प्याज की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिलता है और कीमतें 100 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच जाती है। इसे देखते हुए इस साल सरकार अभी से तैयारियां कर रही हैं।

क्या है कीमतों को नियंत्रण में रखने का सरकार का प्लान

  • नैफेड के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार चड्ढा ने बताया कि इस साल दो लाख टन प्याज का बफर स्टॉक बनाने की योजना है, जो पिछले साल से दोगुना है। उन्होंने कहा कि प्याज का इतना बड़ा बफर स्टॉक पहले कभी नहीं बनाया गया था।
  • प्याज की सरकारी खरीद पहले सिर्फ तीन प्रदेशों से की जाती थी, लेकिन इस साल सरकार ने चार और राज्यों से प्याज की खरीद करने की योजना बनाई है। यानि इस साल महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात के अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक, आंधप्रदेश और तेलंगाना से भी खऱीद की जाएगी।
  • प्याज की खरीद अप्रैल से शुरू कर दी जाएगी।

प्याज की सरकारी खरीद बढ़ाने से क्या हैं फायदे

  • केंद्र सरकार के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्याज की सरकारी खरीद बढ़ने से किसानों को लाभ मिलेगा, क्योंकि इसमें कोई बिचैलिया नहीं होता है और प्याज का दाम सीधे किसानों के बैंक खाते में जाता है। इस तरह किसानों को उचित भाव मिलता है और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • वहीं बफर स्टॉक बढ़ने से प्याज की सप्लाई लगातार बनी रहेगी और कीमतों को नियंत्रण में रखा जा सकेगा।

कैसे बढ़ेगा प्याज का स्टोरेज

  • नैफेड के प्रबंध निदेशक ने कहा कि, नैफेड ने अपनी भंडारण क्षमता में 50,000 टन का इजाफा किया है और उत्पाद क्षेत्रों में ही भंडारण की व्यवस्था की जा रही है।
  • देश में प्याज भंडारण की समस्या के समाधान के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं। महाऑनियन भारत का पहला प्याज स्टोरेज व मार्केटिंग इन्फ्रास्टक्चर है, जिसे पीपीपी मॉडल में तैयार किया गया।

प्याज की कीमतों में नरमी की उम्मीद

  • देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाके में प्याज का खुदरा भाव इस समय भी 50 रुपये प्रति किलो के आसपास है। नैफेड के प्रबंध निदेशक ने कहा कि मंडियों में जैसे-जैसे आवक बढ़ रही है, प्याज का भाव घट रहा है और आने वाले दिनों में दाम और कम होगा।
  • केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी बागवानी फसलों के उत्पादन के चालू फसल वर्ष 2020-21 के पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार देश में इस साल प्याज का उत्पादन 262.29 लाख टन हो सकता है, जबकि पिछले साल प्याज का उत्पादन 260.90 लाख टन हुआ था।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी बागवानी फसलों के उत्पादन के चालू फसल वर्ष 2020-21 के पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार देश में इस साल प्याज का उत्पादन 262.29 लाख टन हो सकता है।

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