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महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत के लिए RBI आया आगे, गवर्नर ने कहा केंद्र और राज्‍य मिलकर टैक्‍स कम करने के लिए उठाएं कदम

बॉम्बे चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए दास ने कहा कि ईंधन के मामले में केंद्र और राज्यों के बीच एक समन्वित कार्यवाही की आवश्यकता है क्योंकि दोनों ही ईंधन पर टैक्स लगाते हैं।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: February 25, 2021 13:06 IST
RBI says centre, states should tax reduction in petrol and diesel prices - India TV Paisa
Photo:RBI@TWITTER

RBI says centre, states should tax reduction in petrol and diesel prices

नई दिल्‍ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत के लिए पहल की है। भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India :RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Governor Shaktikanta Das) ने गुरुवार को कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम (petrol and diesel prices) में लागत बढ़ाने वाले कई कारक हैं, इस मामले में केंद्र और राज्‍य सरकारों को मिलकर ईंधन के दाम में टैक्‍स को कम करने के लिए समन्वित कदम उठाने की जरूरत है।

बॉम्‍बे चैम्‍बर्स ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए दास ने कहा कि ईंधन के मामले में केंद्र और राज्‍यों के बीच एक समन्वित कार्यवाही की आवश्‍यकता है क्‍योंकि दोनों ही ईंधन पर टैक्‍स लगाते हैं। हालांकि, उन्‍होंने कहा कि केंद्र और राज्‍य सरकारों दोनों पर राजस्‍व का दबाव है और कोरोना वायरस महामारी से देश और जनता को बचाने के लिए दोनों को भारी राशि खर्च करनी पड़ रही है।

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उन्‍होंने कहा कि ऐसे में राजस्‍व की जरूरत और सरकारों की मजबूरी को अच्‍छी तरह से समझा जा सकता है। लेकिन मुद्रास्‍फीति पर प्रभाव भी पेट्रोल-डीजल की वजह से आता है, क्‍योंकि इसकी कीमत विनिर्माण, उत्‍पादन की लागत पर भी प्रभाव डालती है।

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केंद्रीय बैंक की डिजिटल करेंसी पर दास ने कहा कि आरबीआई इस पर आंतरिक रूप से बहुत कार्य कर रहा है और इसको लेकर विस्‍तृत दिशा-निर्देश जल्‍द ही जारी किए जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र वृद्धि की गति में सुधार लाने का काम कर रहा है। देश का एमएसएमई क्षेत्र अर्थव्यवस्था की वृद्धि का इंजन बनकर आगे आया है।  

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दास ने कहा कि कंपनियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में अधिक निवेश करने की जरूरत है। भारत सफलता की राह पर आगे बढ़ने की दहलीज पर खड़ा है। एमएफआई क्षेत्र के लिए अपने नियामकीय ढांचे को सुधारने पर आरबीआई काम कर रहा है। संपत्ति पुनर्गठन कंपनियों के लिए नई नियामकीय संरचना जल्द जारी की जाएगी। हमने निरीक्षण के क्षेत्र में अपने कार्य को अधिक पैना और गहरा बनाया है। भारतीय वित्तीय क्षेत्र आज पहले के मुकाबले कहीं बेहतर स्थिति में है, हमने बैंकों में दबाव वाली संपत्ति बढ़ने के मामले में सटीक विचार किया है।

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