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RIL का राइट इश्‍यू 20 मई को खुलेगा, 3 जून तक कंपनी जुटाएगी 53,125 करोड़ रुपए

यह लगभग तीन दशक में आरआईएल द्वारा लाया जा रहा इस तरह का पहला निर्गम है। इस निर्गम के तहत प्रत्येक 15 शेयर पर एक शेयर की पेशकश की जाएगी।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: May 16, 2020 8:49 IST
RIL Rights Issue opening date is may 20 and closing date is june 3- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO OF MUKESH AMBNAI

RIL Rights Issue opening date is may 20 and closing date is june 3

नई दिल्‍ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने 53,125 करोड़ रुपए के भारत के सबसे बड़े राइट इश्यू के खुलने और बंद होने की तिथि की घोषणा शुक्रवार को की है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया कि 15 मई को आयोजित राइट इश्‍यू कमेटी की बैठक में राइट इश्यू के खुलने और बंद होने की तिथियों का निर्धारण किया गया है। आरीआईएल का राइट इश्‍यू 20 मई, 2020 को खुलेगा और यह 3 जून, 2020 को बंद होगा। इससे पहले कंपनी ने राइट इश्‍यू के लिए रिकॉर्ड तिथि 14 मई तय की थी।

उस दिन कारोबार की समाप्ति पर जो इकाई कंपनी के शेयरधारकों में होगी वह इन निर्गम में शेयर के आवेदन करने की पात्र होंगी। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी की कंपनी ने 30 अप्रैल को राइट्स इश्यू के जरिए 53,125 करोड़ रुपए जुटाने की घोषणा की थी। यह लगभग तीन दशक में आरआईएल द्वारा लाया जा रहा इस तरह का पहला निर्गम है। इस निर्गम के तहत प्रत्येक 15 शेयर पर एक शेयर की पेशकश की जाएगी। निर्गम के तहत एक शेयर कीमत 1,257 रुपए होगी,  जो 30 अप्रैल के बंद भाव के मुकाबले 14 प्रतिशत कम है।

कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि हम आपको सूचित करते हैं कि कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा गठित राइट्स इश्यू कमेटी ने राइट एंटाइटेलमेंट पाने के हकदार इक्विटी शेयरधारकों के निर्धारण के लिए रिकॉर्ड तिथि के रूप में गुरुवार, 14 मई 2020 की तारीख तय की है। कंपनी ने बताया कि राइट इश्यू के खुलने और बंदन होने की तारीख क्रमश: 20 मई और 3 जून होगी।

आमतौर पर नकदी की कमी से जूझ रही कंपनियां राइट इश्यू लाती हैं। आरआईएल कर्ज चुकाने के लिए यह निर्गम ला रही है। राइट पेशकश के जरिये कंपनियां मौजूदा शेयरधारकों को घटी दरों पर नए शेयर खरीदने का अधिकार देती हैं, लेकिन उन पर ऐसा करने की बाध्यता नहीं होती। आरआईएल ने अंतिम बार 1991 में परिवर्तनीय ऋणपत्र जारी कर जनता से धन जुटाया था।

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