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चीनी कंपनियों पर सुरक्षा प्रतिबंध लगाए जाने से भारत को होगा नुकसान: चीनी मीडिया

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Apr 06, 2016 11:52 am IST,  Updated : Apr 06, 2016 11:56 am IST

मोदी सरकार चीनी कंपनियों पर सुरक्षा प्रतिबंध कड़े करने पर विचार कर रही है। इस पर चीन के आधिकारिक मीडिया ने कहा कि इससे भारत को ही नुकसान होगा।

मोदी सरकार चीनी कंपनियों पर लगाएगी सुरक्षा प्रतिबंध, चीनी मीडिया ने कहा, भारत को होगा नुकसान- India TV Hindi
मोदी सरकार चीनी कंपनियों पर लगाएगी सुरक्षा प्रतिबंध, चीनी मीडिया ने कहा, भारत को होगा नुकसान

बीजिंग। मोदी सरकार चीनी कंपनियों पर सुरक्षा प्रतिबंध कड़े करने पर विचार कर रही है। इन खबरों के बीच, चीन के आधिकारिक मीडिया ने कहा कि इस तरह के कदम से भारत को अधिक नुकसान होगा। सरकार संचालित ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में कहा गया, यदि भारत चीनी कंपनियों पर सुरक्षा प्रतिबंध कड़े करता है, यदि वह चीनी कंपनियों को दी गई सुरक्षा मंजूरी को खत्म करता है तो इससे भारत को अधिक नुकसान होगा। गौरतलब है कि पठानकोट हमले के बाद भरात सरकार ने चीन से जैश ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने को कहा था, जिसे चीन ने नकार दिया। इसके बाद सरकार चीनी कंपनियों को दी जाने वाली सुरक्षा में छूट को खत्म करने पर विचार कर रही है। मास्को में होने वाली त्रिपक्षीय वार्ता में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस मद्दे को उठा सकती हैं।

यह रिपोर्ट भारत में आधिकारिक सूत्रों द्वारा यह कहे जाने के बाद आया है कि पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर आतंकी हमले के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रयासों में चीन द्वारा रोड़ा लगाए जाने के बाद सुरक्षा प्रतिष्ठान का मत है कि चीनी कंपनियों को दी गई सुरक्षा मंजूरी की समीक्षा की जानी चाहिए। शंघाई एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज में इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस से जुड़े शोध सदस्य हू झियोंग ने कहा, चीनी कंपनियां संभावित सुरक्षा मंजूरी समीक्षा के चलते भारत में अपनी विस्तार योजनाओं के बारे में दो बार सोच सकती हैं। इस तरह, भारत का विकास, जो इसके आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए चीन पर निर्भर है, बाधित होगा।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 2014 में अपनी भारत यात्रा के दौरान अगले पांच वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी, लेकिन भारतीय अधिकारियों और कारोबारी संगठनों का कहना है कि भारत द्वारा चीनी कंपनियों के लिए वीजा नियमों में ढील दिए जाने तथा सुरक्षा प्रतिबंध हटाए जाने के बावजूद चीनी निवेश का प्रवाह कम है। भारत में चीनी दूतावास के एक अधिकारी ने ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में इस बात को माना कि हाल के वर्षों में, खासकर 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद और पिछले साल नवंबर में गृहमंत्री राजनाथ सिंह की चीन यात्रा के बाद चीनी कंपनियों के लिए भारत की सुरक्षा मंजूरी में ढील के संकेत दिखे हैं। अधिकारी ने कहा, हालांकि भारत ने चीनी कंपनियों की एक सुरक्षा समीक्षा की, फिर भी भारत में मौजूद चीनी कंपनियों का कहना है कि आम कारोबारी माहौल सुधर रहा है और चीनी कंपनियों का फीडबैक सकारात्मक है ।

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