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सबसे खतरनाक सुस्ती की चपेट में चीन, युवाओं में फैली बेरोजगारी, जिनपिंग की उड़ी हवाइयां

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Jan 30, 2024 12:14 pm IST,  Updated : Jan 30, 2024 12:15 pm IST

चीन और दुनिया की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे बिकने के कगार पर पहुंच गई है। इससे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी की चिंताएं और बढ़ गई है। चीनी शेयर बाजार 5 साल के निचले लेवल पर है।

चीन की अर्थव्यवस्था- India TV Hindi
चीन की अर्थव्यवस्था Image Source : PIXABAY

एक तरफ जहां भारत करीब 7% की दर से ग्रोथ कर रहा है, तो दूसरी तरफ पड़ोसी चीन कई दशकों की सबसे खतरनाक सुस्ती से जूझ रहा है। चीन का हाउसिंग सेक्टर तीन साल से लगातार बर्बाद होता जा रहा है। चीन और दुनिया की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे (Evergrande) के बिकने की नौबत आ गई है। हांगकांग की कोर्ट ने कंपनी को संपत्ति बेचकर कर्ज चुकाने का आदेश दिया है। यह कंपनी 24 लाख करोड़ के कर्जे में डूबी है। चीनी शेयर बाजार लगातार नीचे जा रहा है। युवाओं में बेरोजगारी तेजी से फैल रही है। चीनी सरकार स्थिति को छुपाने के लिए अब आंकड़ों में भी हेरफेर कर रही है।

बिकने जा रही चीन की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी

एवरग्रांडे के बिकने की नौबत आने से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी को तगड़ा झटका लगा है। यही नहीं, पिछले 3 साल में 50 से अधिक चीनी रियल एस्टेट डेवलेपर्स कर्ज का पुनर्भुगतान करने में डिफॉल्ट कर चुके हैं। सोमवार को कोर्ट के आदेश के बाद एवरग्रांडे का शेयर 20 फीसदी टूट चुका है। इसके बाद स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर की ट्रेडिंग को रोक दिया गया।

9 साल के बुरे दौर से गुजर रहा प्रॉपर्टी मार्केट

चीन की पिछले साल आधिकारिक जीडीपी ग्रोथ रेट 5.2 फीसदी रही थी, जो कोरोना काल को छोड़कर दशकों की सबसे खराब परफॉर्मेंस है। चीन की जीडीपी में रियल एस्टेट की हिस्सेदारी 30 फीसदी के करीब है। रियल एस्टेट सेक्टर के संकट से चीनी इकॉनमी को बड़ा नुकसान हुआ है। चीन की प्रॉपर्टी मार्केट 9 साल के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। यह संकट दूसरे सेक्टर्स में भी फैल चुका है। चीन के बैंकिंग सेक्टर से भी अच्छी खबरें नहीं आ रही हैं। वहीं, चीन का शेयर बाजार 5 साल के निचले लेवल पर है।

बढ़ेगी बेरोजगारी

एवरग्रांडे के बर्बाद होने से 18 ट्रिलियन डॉलर की चीनी इकॉनमी के लिए चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। एवरग्रांडे में करीब 2 लाख कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी के दिवालिया होने पर ये लोग बेरोजगार हो जाएंगे। चीन के रियल एस्टेट में सुस्ती के चलते कई डेवलपर्स बर्बाद हो गए हैं।

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