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India की प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना और अन्य वेलफेयर स्कीम की IMF ने जमकर तारीफ की

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Oct 13, 2022 01:01 pm IST,  Updated : Oct 13, 2022 01:03 pm IST

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2013 से डीबीटी के जरिए 24.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि लाभान्वितों तक पहुंचाई गई है जिसमें से 6.3 लाख करोड़ रुपये के लाभ सिर्फ 2021-22 में ही पहुंचाए गए।

India IMF - India TV Hindi
India IMF Image Source : FILE

Highlights

  • 2021-22 के आंकड़ों के अनुसार औसतन 90 लाख से अधिक डीबीटी भुगतान प्रतिदिन होते हैं
  • दुनिया में प्रेरणादायी कई अन्य उदाहरण भी हैं, हर महाद्वीप और हर आय स्तर के उदाहरण हमारे सामने हैं
  • हम भारत की बात करें तो यह बहुत प्रभावशाली, भारतीय सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण कार्यक्रम सफल

India की प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना और अन्य वेलफेयर स्कीम की आईएमएफ ने जमकर तारीफ की है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा कि भारत जटिल मुद्दों का समाधान निकालने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिहाज से सबसे प्रेरणादायी मिसाल पेश कर रहा है और इस देश की बहुत सी बातें सीखने लायक हैं। उसने भारत की प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना (डीबीटी) और इसी प्रकार के अन्य समाज कल्याण कार्यक्रमों को ‘‘लॉजिस्टिक चमत्कार’’ बताया। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण का लक्ष्य विभिन्न समाज कल्याण योजनाओं के लाभ एवं सब्सिडी को पात्र लोगों के खाते में समय पर और सीधे भेजना है जिससे प्रभावशीलता, पारदर्शिता बढ़ती है तथा मध्यस्थों की भूमिका कम होती है।

25 लाख करोड़ राशि लाभान्वितों तक पहुंचाई गई

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2013 से डीबीटी के जरिए 24.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि लाभान्वितों तक पहुंचाई गई है जिसमें से 6.3 लाख करोड़ रुपये के लाभ सिर्फ 2021-22 में ही पहुंचाए गए। 2021-22 के आंकड़ों के अनुसार औसतन 90 लाख से अधिक डीबीटी भुगतान प्रतिदिन होते हैं। आईएमएफ में वित्तीय मामलों के विभाग के उप निदेशक पाओलो माउरो ने कहा, ‘‘भारत से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। दुनिया में प्रेरणादायी कई अन्य उदाहरण भी हैं, हर महाद्वीप और हर आय स्तर के उदाहरण हमारे सामने हैं।

‘आधार’ का इस्तेमाल से चमत्कार

यदि हम भारत की बात करें तो यह बहुत प्रभावशाली है।’’ भारतीय सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘देश के आकार को देखते हुए यह ‘लॉजिस्टिक चमत्कार’ ही है जिस तरह से गरीब लोगों की मदद के लिए शुरू किए गए ये कार्यक्रम लाखों लोगों तक पहुंचे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत के मामले में एक चीज है जो गौर करने लायक है और वह है विशिष्ट पहचान प्रणाली यानी ‘आधार’ का इस्तेमाल।’’ आईएमएफ) ने भारत में मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए मौद्रिक नीति को सख्त करने पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सराहना की। आईएमएफ के मौद्रिक एवं पूंजी बाजार विभाग में उप खंड प्रमुख गार्सिया पास्क्वाल ने कहा, ‘‘मई से ही तय सीमा से ऊंचे स्तर पर बनी हुई मुद्रास्फीति से निपटने के लिए आरबीआई ने मौद्रिक नीति को सख्त करके उचित ही किया है। जहां तक मुझे ध्यान है आरबीआई ने दरों में 1.90 फीसदी की वृद्धि की है और हमारा मानना है कि मुद्रास्फीति को निश्चित स्तर तक लाने के लिए और सख्ती करनी होगी।’’

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