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होम लोन का बकाया दो साल में ₹10 लाख करोड़ लगा गया छलांग, RBI के आंकड़े, जानें एक्सपर्ट की राय

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : May 05, 2024 04:58 pm IST,  Updated : May 05, 2024 04:58 pm IST

वित्त वर्ष 2020-21 से पहली कैटेगरी के शहरों में 50-100 प्रतिशत के बीच मूल्य वृद्धि देखी गई है। बड़े घरों की मांग वास्तव में आसमान छू रही है। आवासीय रियल एस्टेट की मांग मजबूत बनी हुई है।

पिछले दो वित्त वर्षों में घरों की बिक्री और कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।- India TV Hindi
पिछले दो वित्त वर्षों में घरों की बिक्री और कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। Image Source : PIXABAY

हाउसिंग सेक्टर को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के लेटेस्ट आंकड़े चौंकाने वाले हैं। हाउसिंग सेक्टर या आवास क्षेत्र के लिए बकाया लोन पिछले दो वित्तीय वर्षों में करीब 10 लाख करोड़ रुपये बढ़कर इस साल मार्च में रिकॉर्ड 27.23 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आरबीआई के ‘बैंक ऋण के क्षेत्रवार वितरण’ आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। भाषा की खबर के मुताबिक, बैंकिंग और रियल एस्टेट क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने बताया कि कोविड महामारी के बाद आवासीय संपत्ति बाजार में दबी मांग सामने आने के चलते होम लोन बकाया में बढ़ोतरी हुई।

मार्च, 2024 में बकाया लोन

खबर के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मार्च, 2024 के लिए बैंक लोन के क्षेत्रवार डिस्ट्रीब्यूशन पर आंकड़ों के मुताबिक आवास के लिए बकाया लोन मार्च, 2024 में 27,22,720 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा मार्च, 2023 में 19,88,532 करोड़ रुपये और मार्च, 2022 में 17,26,697 करोड़ रुपये था। आंकड़ों से यह भी पता चला कि कॉमर्शियल अचल संपत्ति के लिए बकाया लोन मार्च 2024 में 4,48,145 करोड़ रुपये था। यह मार्च, 2022 में 2,97,231 करोड़ रुपये था।

हाउसिंग लोन की ग्रोथ मजबूत बनी रहेगी

अलग-अलग संपत्ति सलाहकारों की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो वित्त वर्षों में घरों की बिक्री और कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि होम लोन में उच्च वृद्धि आवासीय क्षेत्र के सभी खंडों में तेजी के चलते है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से किफायती आवास खंड में सरकार के प्रयासों के कारण तेजी देखी गई है। सबनवीस ने कहा कि हाउसिंग लोन की ग्रोथ मजबूत बनी रहेगी, लेकिन उच्च आधार के चलते यह घटकर 15-20 प्रतिशत रह सकती है।

50-100 प्रतिशत के बीच मूल्य वृद्धि

आरबीआई के आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए रियल एस्टेट विश्लेषण कंपनी प्रॉपइक्विटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक समीर जसूजा ने कहा कि बकाया आवास ऋणों में वृद्धि मुख्य रूप से पिछले दो वित्त वर्षों में पेश की गईं और बेची गई संपत्तियों की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के कारण है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 से पहली कैटेगरी के शहरों में 50-100 प्रतिशत के बीच मूल्य वृद्धि देखी गई है। इसके चलते प्रति संपत्ति औसत ऋण आकार में वृद्धि हुई। जसूजा को उम्मीद है कि हाउसिंग सेक्टर खंड में तेजी बनी रहेगी, क्योंकि आवासीय रियल एस्टेट की मांग मजबूत बनी हुई है। कृसुमी कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक मोहित जैन ने कहा कि बड़े घरों की मांग वास्तव में आसमान छू रही है।

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