1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. Cryptocurrency पर अभी नहीं मिलने वाली है राहत, RBI ने दिया झटका, जानिए क्या कहा

Cryptocurrency पर अभी नहीं मिलने वाली है राहत, RBI ने दिया झटका, जानिए क्या कहा

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Jun 06, 2025 05:19 pm IST,  Updated : Jun 06, 2025 05:19 pm IST

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने के लिए एक ‘स्पष्ट’ नीति तैयार करने का पिछले महीने निर्देश दिया था। न्यायालय ने अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को भी रेखांकित किया था।

क्रिप्टोकरेंसी- India TV Hindi
क्रिप्टोकरेंसी Image Source : FILE

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय बैंक, क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चिंतित है, क्योंकि इससे वित्तीय स्थिरता बाधित हो सकती है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान मल्होत्रा से क्रिप्टोकरेंसी पर सुप्रीम कोर्ट की पिछले महीने की गई टिप्पणी के बाद के उत्पन्न घटनाक्रम के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो के मामले में बताने के लिए अभी कुछ नया नहीं है। मल्होत्रा ने कहा, ‘‘सरकार की एक समिति इस पर नजर रख रही है। बेशक, जैसा कि आप जानते हैं हम क्रिप्टो के बारे में चिंतित हैं क्योंकि यह वित्तीय स्थिरता और मौद्रिक नीति को बाधित कर सकती है।”

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था यह निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने के लिए एक ‘स्पष्ट’ नीति तैयार करने का पिछले महीने निर्देश दिया था। न्यायालय ने अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को भी रेखांकित किया था। सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने बिटकॉइन व्यापार को ‘हवाला’ कारोबार की तरह ही अवैध व्यापार करार दिया था। भारत, वर्तमान में क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक चर्चा पत्र पर काम कर रहा है और एक अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) वैश्विक मानदंडों पर गौर कर रहा है। इस अंतर-मंत्रालयी समूह में आरबीआई, बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और वित्त मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं। इसको लेकर कोई कानून न होने के कारण क्रिप्टोकरेंसी अभी तक भारत में अवैध नहीं है।

टैक्स लगाने का मतलब वैध ठहराना नहीं

भारत के क्रिप्टोकरेंसी पर नीतिगत रुख तय करने से पहले यह ‘चर्चा पत्र’ हितधारकों को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर देगा। सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले लाभ पर 30 प्रतिशत का टैक्स लगाने की 2022 में घोषणा की थी। क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर टैक्स लगाने का मतलब इसे वैध ठहराना नहीं है। भारत में वर्तमान में क्रिप्टो संपत्तियां नियमों के दायरे में नहीं है। बल्कि इस पर धन शोधन रोधी कानून के नजरिये से गौर किया जा रहा है। इसके अलावा, ऐसी डिजिटल संपत्तियों में कारोबार से होने वाली आय पर आयकर और टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) लगाया जाता है। साथ ही क्रिप्टोकरेंसी कारोबार पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) भी लागू है। गौरतलब है कि चार मार्च 2021 को उच्चतम न्यायालय ने आरबीआई के छह अप्रैल 2018 के एक सर्कुलर को रद्द कर दिया था। इस सर्कुलर के जरिये बैंकों एवं आरबीआई द्वारा विनियमित संस्थाओं पर वर्चुअल करेंसी संबंधी सेवाएं प्रदान करने को लेकर रोक लगाई गई थी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा