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रिटायरमेंट फंड बनाना हुआ आसान! SIP-EPF-NPS को ऐसे बांटें, मोटा फंड खुद बनकर हो जाएगा तैयार

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Nov 28, 2025 02:41 pm IST,  Updated : Nov 28, 2025 02:41 pm IST

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर सैलरी पाने वाले की सबसे बड़ी चिंता एक ही है कि बुढ़ापे में पैसा कहां से आएगा? महंगाई बढ़ रही है, नौकरी की सुरक्षा घट रही है और रिटायरमेंट के बाद हर महीने आने वाली स्थिर आय का इंतजाम करना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो चुका है।

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रिटायरमेंट की प्लानिंग कैसे करें? Image Source : CANVA

आज की दौड़भाग भरी जिंदगी में हर नौकरीपेशा व्यक्ति के मन में एक ही सवाल सबसे ज्यादा घूमता है कि रिटायरमेंट के बाद क्या होगा? बढ़ती महंगाई, अनिश्चित रोजगार माहौल और स्वास्थ्य खर्चों के कारण लोगों में भविष्य को लेकर चिंता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर सही समय पर सही रणनीति अपनाई जाए, तो रिटायरमेंट फंड बनाना न तो मुश्किल है और न ही तनाव देने वाला काम। सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP), एम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड (EPF) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) तीन ऐसे निवेश साधन हैं, जो मिलकर आपके बुढ़ापे को आर्थिक रूप से मजबूत कर सकते हैं।

सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)

SIP आम लोगों का पसंदीदा निवेश साधन बन चुका है। इसमें नियमित रूप से छोटी रकम डालने से लंबे समय में बड़ा कॉर्पस तैयार होता है। विशेष रूप से इक्विटी आधारित एसआईपी युवाओं के लिए सोने पर सुहागा है, क्योंकि उनके पास जोखिम उठाने की क्षमता और समय दोनों होता है। यह महंगाई को मात देने के साथ तेज रिटर्न दिलाने का शानदार ऑप्शन है।

एम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड (EPF)

EPF हर सैलरी वाले कर्मचारी के लिए एक अनिवार्य और भरोसेमंद ऑप्शन है। यह आपको स्थिर ब्याज देता है और रिटायरमेंट के समय मुट्ठी में बड़ा पैसा सुनिश्चित करता है। जिन लोगों को रिस्क से दूरी चाहिए, उनके लिए EPF सबसे सुरक्षित आधार है। चाहें तो Voluntary Provident Fund के जरिए एक्स्ट्रा निवेश भी किया जा सकता है।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

NPS खासतौर पर रिटायरमेंट को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें इक्विटी और डेट दोनों का संतुलन होता है और टैक्स बेनिफिट भी भरपूर मिलता है। 30 से 45 वर्ष की उम्र के लोगों के लिए NPS एक स्मार्ट ऑप्शन है, क्योंकि यह लंबे समय में स्थिरता और ग्रोथ दोनों देता है।

कितना निवेश करें कहां? उम्र के हिसाब से सही फॉर्मूला

● 20-30 वर्ष: SIP में 60 से 70% निवेश, EPF अनिवार्य, NPS में कम हिस्सा

● 30-40 वर्ष: SIP और EPF में बैलेंस, NPS में योगदान बढ़ाएं
● 50 वर्ष+: EPF और NPS में 60-70% शेयर, SIP में कम रिस्क लें

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