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ट्रंप ने अमीरों के लिए खोला अमेरिका का दरवाजा, पेश किया 'गोल्ड कार्ड' वीजा, जानें भारतीयों पर क्या होगा असर?

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Feb 26, 2025 12:51 pm IST,  Updated : Feb 26, 2025 12:51 pm IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दुनियाभर के अमीरों के लिए 35 साल पुराने ईबी-5 वीजा की जगह “गोल्ड कार्ड” वीजा प्लान पेश किया। इस नए वीजा प्लान में 5 मिलियन डॉलर निवेश करने वाले को अमेरिका में नागरिकता पाने का मौका मिलेगा।

Gold Card Visa - India TV Hindi
'गोल्ड कार्ड' वीजा, Image Source : INDIA TV

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसले को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए है। उन्होंने अमेरिका में रह रहे गरीब अवैध प्रवासियों को हथकड़ी लगातार भारत समेत तमाम देशों में भेजाना शुरू किया है। वहीं, अब वे दुनियाभर के अमीरों को अमेरिका में बसाने के लिए 'गोल्ड कार्ड' वीजा स्कीम लेकर आ गए हैं। आखिर क्या है यह नया वीजा प्लान और इसका असर भारतीयों पर कैसे होगा? आइए समझने की कोशिश करते हैं। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दुनियाभर के अमीरों के लिए 35 साल पुराने ईबी-5 वीजा की जगह “गोल्ड कार्ड” वीजा प्लान पेश किया। इस नए वीजा प्लान में 5 मिलियन डॉलर निवेश करने वाले को अमेरिका में नागरिकता पाने का मौका मिलेगा। ट्रंप के इस कदम से अमेरिकी ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय नागरिकों में चिंता बढ़ गई है।

ईबी-5 वीजा से कैसे अलग 

मौजूदा ईबी-5 वीजा के तहत विदेशी निवेशकों को ऐसे व्यवसाय में लगभग 1 मिलियन डॉलर का निवेश करना होता है जो कम से कम 10 नौकरियां पैदा करता हो। अब “गोल्ड कार्ड” वीजा में 5 मिलियन डॉलर निवेश करना होगा। वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि "ट्रम्प गोल्ड कार्ड" दो सप्ताह में EB-5 वीजा की जगह ले लेगा। EB-5 को 1990 में कांग्रेस द्वारा विदेशी निवेश उत्पन्न करने के लिए बनाया गया था। EB-5 की संख्या सीमित है लेकिन गोल्ड कार्ड को लेकर ऐसी कोई लिमिट तय नहीं की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप  10 मिलियन "गोल्ड कार्ड" बेच सकते हैं। 

EB-5 वीजा

  • आवश्यक निवेश: $800,000 से $1.05 मिलियन 
  • नौकरी सृजन की आवश्यकता: 10 अमेरिकी नौकरियां सृजित करनी होंगी
  • नागरिकता मिलने में वक्त: 5-7 वर्ष
  • भारतीयों के लिए बैकलॉग: उच्च बैकलॉग (कई लोग 7-10+ वर्ष प्रतीक्षा में)

ट्रंप का गोल्ड कार्ड वीजा (प्रस्तावित)

  • आवश्यक निवेश: 5 मिलियन डॉलर
  • नौकरी सृजन की आवश्यकता: कोई नौकरी सृजन की आवश्यकता नहीं
  • नागरिकता का मार्ग: तत्काल 
  • भारतीयों के लिए बैकलॉग: कोई बैकलॉग नहीं 

ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीयों पर क्या असर होगा?

भारत के सबसे अमीर लोगों के लिए, ट्रम्प का गोल्ड कार्ड वीजा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह EB-5 निवेशक वीजा या H-1B से ग्रीन कार्ड प्रक्रिया की तुलना में अमेरिकी निवास के लिए बहुत तेज और आसान मार्ग प्रदान करता है। लेकिन इसके लिए 5 मिलियन डॉलर यानी 45 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। इसका मतलब है कि केवल भारत के सुपर-रिच ही अमेरिकी निवास के लिए इस शॉर्टकट का लाभ उठा सकते हैं। 

 

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