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इनकम टैक्स और जीएसटी के बाद कस्टम ड्यूटी को आसान बनाने पर फोकस करेगी सरकार, वित्त मंत्री बोलीं- बड़ा सुधार होगा

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Dec 06, 2025 04:26 pm IST,  Updated : Dec 06, 2025 04:26 pm IST

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स में जैसी पारदर्शिता लाई गई है, वैसा ही सीमा शुल्क में भी करने की जरूरत है।

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सीमा शुल्क में भी इनकम टैक्स में जैसी पारदर्शिता की जरूरत Image Source : HTTPS://X.COM/FINMININDIA

अगले साल 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी को आसान बनाना सरकार का अगला बड़ा सुधार एजेंडा होगा। वित्त मंत्री ने शनिवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में सरकार ने इनकम टैक्स और जीएसटी रेट को तर्कसंगत और आसान बनाने जैसे सुधार किए। इससे आम आदमी के हाथ में ज्यादा नकदी आई और उपभोग बढ़ा है। निर्मला सीतारमण ने कहा, ''हमें सीमा शुल्क का पूरी तरह कायापलट करना है। हमें इसे इतना आसान बनाना है कि लोगों को नियमों का पालन करना बोझिल न लगे। इसके साथ ही इसमें पारदर्शिता बढ़ानी होगी।'' 

सीमा शुल्क में भी इनकम टैक्स में जैसी पारदर्शिता की जरूरत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स में जैसी पारदर्शिता लाई गई है, वैसा ही सीमा शुल्क में भी करने की जरूरत है। प्रस्तावित सुधार व्यापक होंगे और इसमें सीमा शुल्क दरों को तर्कसंगत बनाना भी शामिल होगा। इसकी घोषणा आगामी बजट में हो सकती है, जिसके 1 फरवरी को पेश होने की संभावना है। सीतारमण ने कहा, ''पिछले दो साल में हमने सीमा शुल्क दरें लगातार कम की हैं। लेकिन जिन कुछ वस्तुओं पर हमारी दरें इष्टतम स्तर से ऊपर मानी जाती हैं, उन्हें भी नीचे लाना होगा। सीमा शुल्क मेरा अगला बड़ा सफाई अभियान है।'' 

डॉलर के मुकाबले अपने सहज स्तर पर पहुंचेगा रुपया

इस साल के बजट में अन्य उपायों के साथ औद्योगिक वस्तुओं पर सात अतिरिक्त सीमा शुल्क दरें खत्म करने का प्रस्ताव किया गया था। इससे पिछले साल (23 जुलाई 2024 के बजट भाषण में) भी सात दरें हटाई गई थीं। अब कुल आठ दर स्लैब रह गए हैं, जिनमें शून्य दर भी शामिल है। डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने पर वित्त मंत्री ने कहा कि यह अपने सहज स्तर पर पहुंच जाएगा। वर्ष 2025 में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब पांच प्रतिशत कमजोर हुआ है। उन्होंने भरोसा जताया कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि सात प्रतिशत या उससे अधिक रहेगी।

पीटीआई इनपुट्स के साथ

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