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Small Savings Small Return: छोटी बचत योजनाएं अब नहीं रहेंगी फायदेमंद, घट सकती हैं PPF और NSC पर ब्‍याज दरें

 Published : Jan 14, 2016 12:43 pm IST,  Updated : Jan 14, 2016 12:43 pm IST

सरकार पीपीएफ (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड), एनएससी (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) समेत पोस्‍ट ऑफिस की स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम्‍स पर मिलने वाले ब्‍याज में कमी कर सकती है।

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Small Savings Small Return: छोटी बचत योजनाएं अब नहीं रहेंगी फायदेमंद, घट सकती हैं PPF और NSC पर ब्‍याज दरें

नई दिल्‍ली। पोस्‍ट ऑफिस की स्‍माल सेविंग स्‍कीम्‍स में निवेश अब आपके लिए घाटे का सौदा हो सकता है। सरकार पीपीएफ (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड), एनएससी  (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) समेत पोस्‍ट ऑफिस की स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम्‍स पर मिलने वाले ब्‍याज में कमी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक सभी स्‍कीम्‍स पर ब्‍याज की दरें 0.50 फीसदी तक कम हो सकती है। संभावना है सरकार अगले सप्‍ताह तक नई ब्‍याज दरों का एलान कर सकती है। सरकार इन योजनाओं पर मिलने वाली ब्‍याज दरों को बाजार दर के बराबर लाना चाहती है। दूसरी अहम बात यह है कि अब सरकार तिमाही आधार पर दरों की समीक्षा करेगी। पहले यह वार्षिक आधार पर होता था।

इन योजनाओं पर कोई असर नहीं

सरकार ने छोटी बचत योजनाओं के लिए नया फॉर्मूला तय किया है। नए फार्मूले के तहत स्‍मॉल सेविंग की ब्‍याज दरों को सरकारी सिक्‍युरिटीज पर मिलने वाले रिटर्न से जोड़ा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि वित्‍त मंत्रालय प्रोडक्‍ट के आधार पर ब्‍याज दरें तय कर रहा है। पांच साल से कम की मैच्‍योरिटी वाले प्रोडक्‍ट पर इसका असर ज्‍यादा होगा। इस नए फैसले की अच्छी बात ये है कि इसमें महिलाओं और वरिष्‍ठ नागरिकों को मिलने वाली सुविधाएं शामिल नहीं की जाएगी। साथ ही इसका असर बेटियों के लिए शुरू की गई सुकन्‍या समृद्धि योजना पर भी नहीं पड़ेगा।

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बैंक भी घटा सकते हैं एफडी की दरें

बैंक पिछले लंबे अरसे से सरकार पर छोटी बचत योजनाओं पर ब्‍याज दरें घटाने का दबाव बना रहे थे। बैंकों का मानना है कि कर्ज की दरें घटाने के लिए बैंकों को एफडी की दर में कमी करनी होगी। लेकिन इस स्थिति में अधिक ब्‍याज मिलने की वजह से बैंक की एफडी के अप्रतिस्‍पर्द्धी हो रही है। ऐसे में यदि सरकार पोस्‍ट ऑफिस स्‍कीम्‍स पर ब्‍याज दरें कम करती है तो बैंक भी एफडी की दरें घटाना शुरू कर सकते हैं।

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