अगर आप रिटायरमेंट के बाद अपनी पूंजी को सुरक्षित रखते हुए बेहतर रिटर्न चाहते हैं, तो सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) आपके लिए एक भरोसेमंद निवेश विकल्प हो सकता है। यह योजना 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए खास तौर पर तैयार की गई है।
आर्थिक मजबूती एक दिन में नहीं बनती। छोटी-छोटी आदतों में सुधार, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण, नियमित बचत और सही निवेश- ये सभी मिलकर मजबूत वित्तीय भविष्य की नींव रखते हैं।
मनी मैनेजमेंट वह प्रक्रिया है जिसके तहत आप अपनी आय का बजट बनाते हैं, खर्चों पर नजर रखते हैं और पैसों को सही जगह निवेश करते हैं। वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए सही वित्तीय फैसले लेना बेहद जरूरी है।
चाहे भविष्य की जरूरतों की प्लानिंग हो, इमरजेंसी फंड बनाना हो या नियमित बचत की आदत डालनी हो, पोस्ट ऑफिस की यह निवेश योजना बिना किसी झंझट के आपकी रकम को समय के साथ बढ़ाने में मदद करती है।
भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, अगर किसी बैंक खाते में लगातार 2 साल तक कोई लेनदेन नहीं होता, तो वह खाता निष्क्रिय (डॉरमेंट अकाउंट) की कैटेगरी में आ जाता है। हालांकि, आप चाहें तो अपना पैसा निकाल सकते हैं।
इस योजना के तहत खाता खोलने के लिए व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से या पति/पत्नी के साथ संयुक्त (जॉइंट) रूप से आवेदन कर सकता है। हालांकि, एनआरआई और हिन्दू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) इस योजना के तहत खाता खोलने के पात्र नहीं हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक के सभी प्रतिबंध मंगलवार को बैंक बंद होने के साथ ही लागू हो चुके हैं और अगले 6 महीने तक लागू रहेंगे।
यह स्कीम पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि यह भारत सरकार द्वारा समर्थित है। निवेश पर गारंटीड रिटर्न मिलता है और सेक्शन 80C के तहत आपको टैक्स लाभ भी मिल सकता है।
अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित रखते हुए अच्छा रिटर्न पाना चाहते हैं तो स्मॉल सेविंग स्कीम आपके लिए सबसे सही ऑप्शन साबित हो सकती हैं। पोस्ट ऑफिस और बैंक के जरिए मिलने वाली ये सरकारी योजनाएं न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि इनमें आपको निश्चित रिटर्न और कई मामलों में टैक्स बेनिफिट भी मिलता है।
वित्त मंत्रालय ने पिछले महीने 23 अक्टूबर को एक बयान में कहा था कि नया सिस्टम 1 नवंबर, 2025 से लागू हो जाएगी।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के लिए तमाम सरकारी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है।
ग्राहक इस सुविधा के माध्यम से प्रतिदिन 1,50,000 रुपये तक निवेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार रिडीम किया जा सकता है।
ये रिपोर्ट नौकरी द्वारा 12.75 लाख रुपये तक सालाना कमाने वाले 20,000 से ज्यादा नौकरीपेशा लोगों के देश भर में किए गए सर्वे पर आधारित है।
पैसे बचाने की आदतें कोई जादू नहीं, बल्कि अनुशासन और समझदारी से जुड़े छोटे-छोटे कदम हैं। अगर आप आज से ही इन आदतों को अपनाते हैं, तो आने वाला कल न सिर्फ आर्थिक रूप से बेहतर होगा, बल्कि मानसिक रूप से भी शांति देगा। याद रखें, छोटी बचतें मिलकर बड़ा भविष्य बनाती हैं।
सिंगापुर के डीबीएस बैंक की सब्सिडरी कंपनी डीबीएस बैंक इंडिया ने कहा है कि खाते में एवरेज मंथली बैलेंस मेनटेन नहीं करने की स्थिति में शॉर्टफॉल पर 6 प्रतिशत या अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना देना होगा।
एनएससी योजना में निवेश के लिए कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है, लेकिन पुरानी कर व्यवस्था के तहत केवल 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर ही टैक्स छूट मिलता है।
विश्वसनीयता, हाई लिक्विडिटी रेट, आसान पहुंच और जमा और निकासी पर कोई सीमा नहीं होने के कारण सेविंग अकाउंट सबसे पसंदीदा जमा विकल्पों में से एक है।
अगर आप अपनी Wife के नाम पर महिला सम्मान सेविंग स्कीम (MSSC) में 2 साल रुपये निवेश करते हैं तो आपको मैच्योरिटी यानी 2 साल बाद 232044.33 रुपये प्राप्त होंगे।
बैंक ऑफ बड़ौदा की बात करें तो ये सरकारी बैंक भी बचत खाते पर 2.75 प्रतिशत का ही ब्याज दे रहा है। देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक- एचडीएफसी बैंक अपने ग्राहकों को 50 लाख रुपये तक के अमाउंट पर 3.00 प्रतिशत और 50 लाख रुपये से ज्यादा अमाउंट पर 3.50 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है।
सरकारी बैंक ने अपने प्रमुख एनआरआई पेशकशों में से एक बॉब प्रीमियम एनआरई (Non-Resident (External) Account) और एनआरओ (Non-Resident Ordinary) सेविंग्स अकाउंट में सुधार किया है, जिससे ग्राहकों को ज्यादा फायदेमंद बैंकिंग एक्सपीरियंस प्रदान करने के लिए इसकी सुविधाओं और लाभों को बढ़ाया गया है।
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