बैंक कर्मचारी संघों ने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने के फैसले का शुक्रवार को विरोध करते हुए कहा कि यह फैसला उनकी समझ से परे हैं और इसके पीछे कोई तर्क नहीं दिखाई देता है।
नोटबंदी के दो साल बाद भी बैंक कर्मचारियों को तब देर रात तक काम करने के बदले में अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है।
बैंक कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के मुद्दे पर भारतीय बैंक संघ (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच कल बैठक होगी।
सरकार विभिन्न बैंकों के उन शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रही है जिनके नाम अलग-अलग एजेंसियों की जांच रिपोर्ट में सामने आई है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान बैंक धोखाधड़ी की लिस्ट में आईसीआईसीआई बैंक टॉप पर रहा। दूसरे स्थान पर सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) रहा।
एनओबीडब्ल्यू और एनओबीओ ने कुछ बैंक यूनियनों की कल की प्रस्तावित हड़ताल को राजनीति प्रेरित करार देते हुए कहा कि वह इसमें मिल नहीं है।
बैंक कर्मचारी की 28 फरवरी को प्रस्तावित हड़ताल से सार्वजनिक बैंकों में सामान्य कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। यूएफबीयू की अगुवाई में हड़ताल होगी।
आईडीबीआई बैंक के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को हड़ताल पर रहेंगे। वे वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं। साथ ही आउटसोर्सिग का विरोध कर रहे हैं।
क कर्मचारियों की एक यूनियन ने मांग की है कि नोटबंदी अभियान के 50 दिन के दौरान अतिरिक्त काम करने वाले बैंककर्मियों को ओवरटाइम दिया जाए।
नोटबंदी के बाद बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा कदम, विभिन्न बैंकों के 27 वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित तथा छह अन्य को स्थानांतरित कर दिया गया है।
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