अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 9 संगठनों के संयुक्त संगठन यूएफबीयू द्वारा हड़ताल का ये आह्वान 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के विफल होने के बाद आया है।
8वां वेतन आयोग लागू होने पर केंद्र सरकार के सभी विभागों में काम करने वाले तमाम कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी।
सचिव ने राज्यों से अनुरोध किया कि वे जिला मजिस्ट्रेटों और राज्य पुलिस को संवेदनशील बनाने और निर्देश देने के लिए उपयुक्त सलाह जारी करें।
सत्यनारायण राजू ने कहा कि कर्मचारियों ने पूरे दिल से इस अभियान का समर्थन किया है और वे टॉप लीडरशिप के साथ तालमेल में हैं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने आईडीबीआई बैंक में 51% सरकारी इक्विटी बनाए रखने की मांग की है। साथ ही कहा है कि हम डीएफएस द्वारा पीएसबी के नीतिगत मामलों पर सूक्ष्म प्रबंधन का विरोध करते हैं।
पारिवारिक पेंशन के रूप में अधिकतम 9,284 रुपये मासिक पेंशन ही मिलती थी। इस निर्णय से पारिवारिक पेंशन बढ़कर 30,000 से 35,000 रुपये मासिक हो जाएगी।
अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से बैंक कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
संबंधित राज्यों में व्याप्त कोविड-19 की स्थिति और जरूरतों के मुताबिक बैंक शाखाओं की मानक परिचालन प्रक्रिया (SoP)में सुधार करने की अनुमति।
यूनियन ने कहा इस विकट स्थिति को देखते हुए बैंक कर्मचारियों की तरफ से अपील है कि इस पर तुरंत गौर किया जाए और निर्णय किया जाए।
बैंकों की एक प्रमुख कर्मचारी यूनियन ने दावा किया है कि गुजरात में अब तक 15,000 बैंक कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए है।
15 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि 1 नवंबर, 2017 से लागू की जाएगी।
यदि किसी बैंक का परिचालन लाभ 5 प्रतिशत से कम रहेगा तो उसके कर्मचारियों को कोई इनसेंटिव नहीं मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि होम डिलिवरी सेवा में लगे लोगों से लेकर डॉक्टर, बैंकिंग सेक्टर में लगे लोगों के लिए सभी देशवासी डिजिटल पेमेंट को अपना कर हौसला बढ़ाएं
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के सदस्यों के साथ विभिन्न क्षेत्रीय महासंघ भी हिस्सा ले रहे हैं। केंद्रीय यूनियनों में एटक, इंटक, सीटू, एआईसीसीटीयू, सेवा, एलपीएफ समेत अन्य शामिल हैं।
आज ही बैंक से जुड़े सारे काम निपटा लें वरना दिवाली से पहले आपको परेशानी हो सकती है। दरअसल, 22 अक्टूबर (मंगलवार) को बैंकों में हड़ताल रहने वाली है।
सरकार ने दस राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने की घोषणा की है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रस्तावि विलय से कर्मचारियों की नौकरी जाने के खतरे की चिंता को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि विलय के इन निर्णयों से किसी एक कर्मचारी की भी नौकरी नहीं जाएगी।
हड़ताल पर जाने को लेकर दिल्ली में 11 सितंबर को संघ की बैठक होगी।
बैंक कर्मचारी संघों ने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने के फैसले का शुक्रवार को विरोध करते हुए कहा कि यह फैसला उनकी समझ से परे हैं और इसके पीछे कोई तर्क नहीं दिखाई देता है।
नोटबंदी के दो साल बाद भी बैंक कर्मचारियों को तब देर रात तक काम करने के बदले में अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है।
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