RBI ने दिया दिवाली का तोहफा, रेपो रेट में की 25 आधार अंकों की और कटौती
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाद शुक्रवार को बैंक ऑफ इंडिया, सिंडिकेट बैंक, आंध्र बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, केनरा बैंक आदि ने कर्ज की मानक ब्याज दरों में 0.10 से 0.30 प्रतिशत तक की कटौती करने की घोषणा की।
भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा था कि वह एमपीसी द्वारा रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं।
क्रेडाई के चेयरमैन जैक्सी शाह ने कहा कि उद्योग रेपो दर में कटौती का इंतजार कर रहा था। अगला कदम यह होना चाहिए कि बैंक और वित्तीय संस्थान निचली दरों का लाभ कर्ज लेने वालों को दें।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा पेश करेगी।
दुन एंड ब्रैडस्ट्रीट (डीएंडबी) के हालिया आर्थिक पूर्वानुमान के अनुसार, अमेरिका और अन्य देशों के बीच जारी आर्थिक तनाव का भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ेगा।
अधिकतर अर्थशास्त्रियों ने चार अप्रैल को पेश होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती का सुझाव दिया। वहीं कुछ ने 0.50 प्रतिशत की कटौती का समर्थन किया।
महंगाई दर के न्यूनतम स्तर पर आने तथा औद्योगिक वृद्धि के 2% से नीचे जाने के कारण RBI पर मौद्रिक नीति में बदलाव लाने और नीतिगत दर में कटौती का दबाव बढ़ा है।
RBI गवर्नर उर्जित पटेल ने बैंकों से अपील की है कि उन्हें पिछड़ रहे क्षेत्रों में ऋण की मांग को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी ब्याज दरों में कटौती करनी चाहिए।
Repo Rate में कटौती तथा सकारात्मक वैश्विक रुख के चलते Foreign Investors ने इस महीने के पहले सप्ताह में शेयर बाजारों में 1,445 करोड़ रुपए का निवेश किया है।
RBI द्वारा रेपो रेट में कटौती करने से डायनामिक बॉन्ड फंड देंगे बेहतर रिटर्न। इस फंड ने तीन साल में औसत 11 फीसदी का रिटर्न दिया है।
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