कैमूरः कैमूर जिले के चैनपुर विधानसभा सीट पर चुनावी माहौल गरम है। इस सीट पर इस बार चुनावी मुकाबला काफी कड़ा देखने को मिलेगा। बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर 2025 को होगा और 14 नवंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे।
चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानें
चैनपुर विधानसभा सीट कैमूर जिले के अंतर्गत आती है। विधानसभा क्षेत्र है जिसमें चैनपुर, चांद, अधौरा और भगवानपुर ब्लॉक शामिल हैं। यहां पवित्र हरसु ब्रह्म मंदिर भी स्थित है। यहां शेरशाह सूरी के दामाद बख्तियार खान का मकबरा भी है। साल 2020 के चुनावों में इस सीट पर 318,231 पंजीकृत मतदाता थे। 2024 के लोकसभा चुनावों में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 333,388 हो गई थी। 2020 में यहां 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति के मतदाता, 9.38 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के मतदाता और 9.7 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता थे। यह पूरी तरह से ग्रामीण मतदाता क्षेत्र है।
चैनपुर विधानसभा का चुनावी इतिहास
चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता कभी किसी एक पार्टी के प्रति वफ़ादार नहीं रहे हैं। यहां के मतदाता पार्टियों की बजाय उम्मीदवारों को तरजीह देते हैं। आरजेडी, कांग्रेस, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, भारतीय जनसंघ, बीजेपी, जनता पार्टी और बसपा यहां से चुनाव जीत चुकी है लेकिन वामपंथी पार्टियों और जेडीयू को यहां से कभी जीत हासिल नहीं हुई है। यहां पर दो बार बसपा, दो बार आरजेडी और छह बार बीजेपी को जीत मिल चुकी है।
साल 2024 में बसपा के जमा खान ने जीत हासिल की थी। 2015, 2010 में बीजेपी के बृज किशोर बिंद ने जीत हासिल की थी। 2005 में आरजेडी के टिकट पर महाबली, 2000 और 1995 में बसपा के महाबली सिंह ने जीत हासिल की थी। 1990 में बीजेपी, 1985 में कांग्रेस को जीत मिली थी। पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में यहां से बसपा के टिकट पर जमा खान ने जीत हासिल की थी लेकिन वह बाद में पाला बदलकर जेडीयू में शामिल हो गए और नीतीश सरकार में मंत्री बन गए।
क्यों होगा मुकाबला कड़ा
चैनपुर सीट पर सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने वाली बीजेपी इस बार फिर इस सीट पर दावा ठोक सकती है। वहीं, पिछले चुनाव में जीत दर्ज करने वाले जमा खान अब जेडीयू में हैं। जेडीयू जमा खान के लिए यह सीट लेना चाहेगी। जनसुराज पार्टी भी इस बार यहां से चुनाव लड़ेगी। वहीं महागठबंधन की तरफ से आरजेडी यहां से उम्मीदवार उतार सकती है। ऐसे में मुकाबला काफी कड़ा होने की उम्मीद है।