Singheshwar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा के साथ ही सिंहेश्वर (SC) सीट का सियासी रण गर्मा गया है, जहां पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। मधेपुरा जिले की यह आरक्षित सीट इस बार और भी दिलचस्प हो गई है, क्योंकि यहां RJD के मौजूदा विधायक चंद्रहास चौपाल के सामने JDU के रमेश ऋषिदेव से मिली करीबी टक्कर को बरकरार रखने की चुनौती होगी। साथ ही, नीतीश कुमार सरकार की नई योजनाओं का प्रभाव और 'जन सुराज' जैसे नए राजनीतिक दलों की एंट्री इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकती है, जिसने सभी प्रमुख पार्टियों को अपनी पूरी ताकत झोंकने पर मजबूर कर दिया है।
क्या रहे पिछले चुनाव के नतीजे?
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के चंद्रहास चौपाल ने जीत दर्ज की थी। चंद्रहास चौपाल ने जनता दल (यूनाइटेड) के रमेश ऋषिदेव को 5,573 वोटों के अंतर से हराया था। वहीं, 2015 के विधानसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) के रमेश ऋषिदेव ने चुनाव जीता था। उन्होंने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के मंजू देवी को 50,200 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी।
2020 के चुनाव परिणाम
- चंद्रहास चौपाल (RJD): 86,181 वोट (45.13%)
- रमेश ऋषिदेव (JDU): 80,608 वोट (42.21%)
- अमित कुमार भारती (LJP): 5,607 वोट (2.94%)
- NOTA: 3,998 वोट (2.09%)
2015 के चुनाव परिणाम
- रमेश ऋषिदेव (JDU): 83,073 वोट (49.45%)
- मंजू देवी (HAM(S)): 32,873 वोट (19.57%)
- अमित कुमार भारती (JAP(L)): 15,106 वोट (8.99%)
- NOTA: 6,928 वोट (4.12%)
सिंहेश्वर सीट का चुनावी इतिहास
सिंहेश्वर विधानसभा सीट मधेपुरा जिले में है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट है। सिंहेश्वर विधानसभा क्षेत्र 1977 में स्थापित हुआ था और तब से इसने कई तरह के राजनीतिक बदलाव देखे हैं। यह सीट 2010 से अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। इससे पहले यह एक सामान्य सीट थी।
शुरुआती दौर में इस सीट पर किसी एक पार्टी का वर्चस्व नहीं रहा। जनता पार्टी, कांग्रेस, लोक दल, जनता दल, और राष्ट्रीय जनता दल जैसी पार्टियों के बीच मुकाबला होता रहा। 1990 में पप्पू यादव ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी।
जेडीयू का वर्चस्व (2005 - 2015)
साल 2005 से 2015 तक यह सीट लगातार 4 बार जनता दल (यूनाइटेड) के कब्जे में रही। रमेश्वर प्रसाद यादव ने 2005 (दोनों चुनाव) में जीत हासिल की, जिसके बाद रमेश ऋषिदेव ने 2010 और 2015 में लगातार दो बार जीत दर्ज कर पार्टी के वर्चस्व को बनाए रखा।
2020 के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के चंद्रहास चौपाल ने JDU की लगातार जीत के क्रम को तोड़ा।