पटनाः बिहार विधानसभा का चुनाव 6 और 11 नंवबर को होगा। एनडीए और महागठबंधन के सीनियर नेता भी जनता के बीच जा रहे हैं और रैलियां कर रहे हैं। इस बार में बिहार में एक नई पार्टी ने दस्तक है वह है प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी। प्रशांत किशोर पिछले कुछ सालों से जनता के बीच जा रहे हैं। इस बार का चुनाव कई मायनों में अहम होने वाला है।
सामान्य सीट है तरारी
तरारी विधानसभा बिहार के भोजपुर जिले में पड़ता है। यह सामान्य सीट है। यह सीट आरा लोकसभा सीट के तहत आती है। तरारी विधानसभा में ज्यादातर ग्रामीण इलाके आते हैं। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में तरारी में 3,05,326 वोटर थे। इनमें 18.32% अनुसूचित जाति, 10.6% मुस्लिम वोटर थे। 2020 में 55.81 प्रतिशत मतदान हुआ था।
तरारी विधानसभा चुनाव के आंकड़े
2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की तरफ से सीपीआईएमएलएल के सुदामा प्रसाद ने यह सीट जाती थी। सुदामा ने निर्दलीय नरेंद्र कुमार पांडे उर्फ सुनील पांडे को 11,015 वोटों के अंतर से हराया था। CPI(M)(MLL) को 73,945 वोट मिले थे जो कुल पड़े वोटों का 43.53% था। 2015 में यह सीट सुदामा प्रसाद ने भाकपा माले के टिकट पर जीता था तो 2010 में जेडीयू ने यह सीट जीती थी।
2024 उपचुनाव में बीजेपी ने दर्ज की जीत
तरारी विधानसभा उपचुनाव 2024 में बीजेपी ने यहां से जीत दर्ज की। बीजेपी के विशाल प्रशांत ने भाकपा माले के राजू यादव को 10612 मतो से हराया था। प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी यहां पर तीसरे नंबर पर रही। जनसुराज को यहां पर साढ़े पांच हजार से ज्यादा वोट मिले थे। जबकि राजू को 68143 वोट तो बीजेपी को 78755 मत मिले।
2025 में किसका पलड़ा रहेगा भारी
तरारी सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। आमतौर पर यह सीट भाकपा माले के लिए सुरक्षित मानी जाती है लेकिन उपचुनाव में बीजेपी की जीत और जनसुराज पार्टी के आने से मुकाबला काफी रोचक रहने वाला है। यह माना जा रहा है कि यहां से महागठबंधन की तरफ से सीपीआईएमएलएल और एनडीए की तरफ से बीजेपी के उम्मीदवार मैदान में उतर सकते हैं।