पूर्वी चंपारण की चिरैया विधानसभा सीट साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी, जिसके बाद यहां तीन बार चुनाव हुए और तीनों ही बार भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली थी। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी लाल बाबू प्रसाद ने इस सीट से जीत हासिल की थी और उन्होंने राजद के प्रत्याशी अच्छे लाल यादव को हराया था। इस चुनाव में लाल बाबू प्रसाद को 62904 वोट और राष्ट्रीय जनता दल के अच्छेलाल यादव को 46030 वोट मिले थे। निर्दलीय प्रत्याशी लक्ष्मी नारायण प्रसाद यादव तीसरे नंबर पर रहे थे। चिरैया विधानसभा सीट शिवहर (लोकसभा) निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है और विधानसभा सीट में इसकी क्रम संख्या-20 है।
भाजपा और राजद के बीच रही है कड़ी टक्कर
चिरैया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और राजद के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलती रही है। इस सीट पर जहां यादव, भूमिहार, राजपूत, मुसलमान और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, वहीं सवर्ण, पिछड़ा और मुस्लिम वोट बैंक के समीकरण भी अक्सर इस सीट से चुनावी परिणाम को प्रभावित करते रहे हैं।
भाजपा के लिए लकी रही है चिरैया सीट
पिछली बार यानी 2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा को जीत मिली थी पार्टी के उम्मीदवार लाल बाबू प्रसाद गुप्ता ने राजद के अच्छेलाल प्रसाद को हराया था, लेकिन यह जीत बेहद कड़ी टक्कर के बाद भाजपा के हिस्से आई थी। इससे पहले साल 2015 के विधानसभा चुनाव: में भाजपा के लाल बाबू प्रसाद गुप्ता ने राजद के उम्मीदवार लक्ष्मी नारायण प्रसाद यादव को मात्र 4,374 वोटों के अंतर से हराया था। वहीं 2010 के चुनाव में भाजपा के अवनीश कुमार सिंह ने राजद के लक्ष्मी नारायण प्रसाद यादव को हराकर अपनी जीत दर्ज की थी।
चिरैया सीट पर कब है मतदान
इस सीट पर इस बार यानी 2025 के विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग दूसरे चरण में 11 नवंबर को होगी और नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।